Chandigarh news: भारत वर्ष में गुरु-शिष्य परंपरा के कई उदाहरण देखने और सुंनने को मिलते हैं. जैसे गुरु द्रोण और अजुर्न, गुरु वशिष्ठ और श्री राम, चाणक्य और चंद्रगुप्त ऐसी कई मिसालें हैं, जो अक्सर गुरु-शिष्य की परंपरा को बयान करने के लिए दी जाती हैं. ऐसी ही एक मिसाल चंडीगढ़ में भी देखने को मिली.
चंडीगढ़ के सेक्टर 29 में स्थित मंदिर में साईं बाबा को पूरे विधि-विधान से मुकुट पहनाया गया. बाबा को अर्पण करने से पहले मुकुट का मंदिर में विधि पूर्वक पूजन भी किया गया.
यहां एक किन्नर शिष्य ने साईं बाबा को अनूठी भेंट अर्पित की है. किन्नर ने चंडीगढ़ के सेक्टर 29 में स्थित प्रसिद्ध साईं राम मंदिर में करीब 26 तोले का हीरे से जड़ित सोने का मुकुट भेंट किया है. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किन्नर बंटी महंत की भेंट चर्चा का विषय बनी हुई है. किन्नर समाज, धनास की बंटी महंत ने बताया कि 26.4 तोले के इस मुकुट को तैयार करने पर लगभग 20 लाख रुपये की लागत आई है.
विधि-विधान से बाबा को पहनाया मुकुट
साईं बाबा को पूरे विधि-विधान से मुकुट पहनाया गया. बाबा को अर्पण करने से पहले मुकुट का मंदिर में विधि पूर्वक पूजन किया गया. मंदिर में विशेष तौर पर हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से साईं बाबा की प्रतिमा का भक्तों ने अपने हाथों से मंगल स्नान करवा कर जलाभिषेक किया.
”जहां साईं दिख जाएं, वहां शिर्डी”
किन्नर बंटी ने बताया कि वह हर साल शिर्डी साईं बाबा जाकर सेवा करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने चंडीगढ़ के साईं मंदिर में सेवा की. बाबा को एक छोटी सी भेंट दी. इनका मानना है कि जहां साईं दिखें, वहीं शिर्डी है. लोगों में इतनी श्रद्धा इतनी भक्ति साईं राम के प्रति है कि चंडीगढ़ के सेक्टर 29 मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक दूर-दूर से भक्त आकर पूजा करते हैं. न सिर्फ पूजा करते हैं, बल्कि पूरा दिन मंदिर में सेवा भी करते हैं.



