#KhalsaAid: मानवता के नाते शरणार्थी रोहिंग्या मुसलमानों की मददगार बना खालसा ऐड

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : म्यांमार में रोंहिग्या मुसलमानों पर जारी जुल्मों के बीच वैश्विक स्तर पर इनकी मदद की चर्चा की जा रही है। इस…

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : म्यांमार में रोंहिग्या मुसलमानों पर जारी जुल्मों के बीच वैश्विक स्तर पर इनकी मदद की चर्चा की जा रही है। इस बीच ब्रिटेन की स्वयंसेवी संस्था ‘खालसा एड’ म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश आ रहे रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए आगे आ चुकी है। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर अमरप्रीत सिंह अपनी टीम के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी मानें तो संस्थान की तरफ से करीब 50 हजार शरणार्थियों की मदद का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख शरणार्थियों को तुरंत मदद की जरूरत है, इसके लिए उनकी संस्था काम कर रही है।

अमरप्रीत ने बताया है कि शरणार्थियों की मदद के लिए बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में खाने-पीने की चीजों के साथ ही दूसरे जरूरी सामान भी पहुंचाए जा रहे हैं। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में शरणार्थियों को मदद की जरूरत है। शरणार्थियों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के साथ ही लंगर लगाया जा रहा है। इसके लिए बांग्लादेश से सारा सामान खरीदकर मंगाया जा रहा है। संस्था के दूसरे स्वयंसेवक जल्द ही यहां पहुंचने वाले हैं। जिससे शरणार्थियों को मदद पहुंचाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।

 

दरअसल, खालसा एड में भारत के विभिन्न हिस्सों के लोग जुड़े हुए हैं, जो समय-समय पर रिलीफ कैंप लगाते हैं। फिर चाहे बात सीरिया युद्ध की हो या फिर टेक्सास में आई बाढ़ की, संस्था के स्वयंसेवक हर आपदाओं के दौरान लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ खुद मान रहा है कि करीब 2.50 लाख से ज्यादा शरणार्थी रोहिंग्या मुसलमानों को मदद की दरकार है, बावजूद कुछ नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ खालसा एड के स्वयंसेवक ब्रिटेन से पहुंचे हैं और इनके दिल में बस एक ही जज्बा है मानवता की सेवा का।

 

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