Khaleda Zia Death Reactions:
बांग्लादेश की पूर्व पीएम और बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया का निधन (Khaleda Zia Death Reactions)हो गया. खालिदा जिया का मंगलवार सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया. 11 दिसंबर को उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. इनकी मौत के बाद विभिन्न देशों के प्रमुख लोगों ने क्या कहा जानते हैं.
Khaleda Zia Death Reactions: प्रधानमंत्री मोदी जताया दुख –
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. उनके साथ हुई एक मुलाक़ात को याद किया. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, बीएनपी प्रमुख बेगम ख़ालिदा ज़िया के निधन की ख़बर से गहरा दुख हुआ है. उनके परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं.
ঢাকায় সাবেক প্রধানমন্ত্রী ও বিএনপি চেয়ারপার্সন বেগম খালেদা জিয়ার পরলোকগমনের সংবাদে গভীরভাবে শোকাহত।
তাঁর পরিবার এবং বাংলাদেশের সকল মানুষের প্রতি আমাদের আন্তরিক সমবেদনা। সর্বশক্তিমান যেন এই অপূরণীয় ক্ষতি সহ্য করার শক্তি তাঁর পরিবারকে দান করেন।
বাংলাদেশের প্রথম নারী… pic.twitter.com/Aezd2Hl7x6
— Narendra Modi (@narendramodi) December 30, 2025
ईश्वर उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दे. पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में ‘देश के विकास’ और ‘भारत-बांग्लादेश संबंधों को मज़बूत’ करने में उनके अहम योगदान को हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने कहा, “मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई अपनी मुलाक़ात याद है. हमें उम्मीद है कि उनका दृष्टिकोण और विरासत हमारे आपसी साझे संबंधों को आगे भी दिशा देती रहेगी.
मोहम्मद यूनुस ने निधन पर ‘गहरा शोक’ किया व्यक्त-
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के निधन पर ‘गहरा शोक’ जताया है. यूनुस ने कहा- बेगम ख़ालिदा ज़िया के निधन से देश ने एक महान संरक्षक को खो दिया है. उन्होंने कहा, “उनके निधन से मैं बेहद दुखी और मर्माहत हूं. यूनुस ने कहा कि वह ‘सिर्फ़ किसी राजनीतिक दल की नेता नहीं’ थीं, बल्कि उन्होंने बांग्लादेश के इतिहास में ‘एक अहम अध्याय’ का प्रतिनिधित्व किया. मोहम्मद यूनुस ने बताया कि इसी महीने की शुरुआत में सरकार ने ख़ालिदा ज़िया के योगदान, लंबे संघर्ष और जनता की गहरी भावनाओं को देखते हुए उन्हें देश की ‘वेरी इम्पॉर्टेंट पर्सन’ घोषित किया था. मुख्य सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र की स्थापना, बहुदलीय राजनीतिक संस्कृति और लोगों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को हमेशा याद रखा जाएगा.
शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने ख़ालिदा ज़िया के निधन पर कहा-
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने ज़िया के निधन पर शोक जताया है. वाजिद ने एक्स पर लिखा, “ऐसे अहम समय में, जब देश के लोग सुरक्षा की कमी से जूझ रहे हैं और देश को अस्थिर और राजनीति से दूर करने की कोशिशें हो रही हैं, उनके निधन से देश के परिवर्तन पर गहरा असर पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा, अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें पहले राजनीति से अलग-थलग करने की कोशिशों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं और देश के लिए कई नीतियों को आकार दिया. देश के निर्माण में उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा लेकिन उनका जाना बांग्लादेश की स्थिरता के लिए एक बड़ा झटका है.शेख़ हसीना और ख़ालिदा ज़िया एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंद्वी रही हैं.
Khaleda Zia Death Reactions – शहबाज़ शरीफ़ ने क्या कहा-
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि उनके योगदान को याद रखा जाएगा. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पाकिस्तान के पीएम ने कहा, “बीएनपी की अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम ख़ालिदा ज़िया के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. बांग्लादेश की सेवा और उसके विकास के लिए उनका आजीवन योगदान एक स्थायी विरासत के रूप में याद रखा जाएगा.
पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने कहा-
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने निधन पर शोक (Khaleda Zia Death Reactions) जताया है. शेख़ हसीना ने कहा, “बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर और देश में लोकतंत्र की स्थापना के संघर्ष में उनकी भूमिका अहम रही है. देश के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण था और उसे याद किया जाएगा. ज़िया का निधन बांग्लादेश के राजनीति और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी क्षति है.
जमात-ए-इस्लामी ने क्या कहा-
जमात-ए-इस्लामी की ओर से जारी किया बयान. अमीर डॉक्टर शफ़ीक़ुर रहमान ने कहा, बेगम ख़ालिदा ज़िया का बांग्लादेश के लोकतांत्रिक आंदोलन में अहम योगदान रहा. उन्होंने बहुदलीय लोकतंत्र की बहाली, लोगों के मतदान अधिकार और एकतंत्र के ख़िलाफ़ आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. देश उन्हें वर्चस्व के ख़िलाफ़ संघर्ष में उनके योगदान के लिए सम्मान के साथ याद रखेगा. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया का 80 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया है.



