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निवेश पंजाब सम्मेलन: ‘आइडिया टू इम्पैक्ट: एक स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की यात्रा’ सत्र में राज्य के मजबूत इकोसिस्टम और यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर चर्चा
चंडीगढ़ / एस.ए.एस. नगर, 14 मार्च— यहां चल रहे पंजाब निवेश सम्मेलन के दूसरे दिन आज “आइडिया टू इम्पैक्ट: एक स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब…
यहां चल रहे पंजाब निवेश सम्मेलन के दूसरे दिन आज “आइडिया टू इम्पैक्ट: एक स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की यात्रा” विषय पर आयोजित एक बेहद रोचक सत्र के दौरान राज्य के उभरते उद्यमी माहौल को सामने लाया गया। इस सत्र ने पंजाब को नवीनता और यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने के रणनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा करने के लिए उच्च सरकारी अधिकारियों, उद्योग जी को व स्टार्टअप उद्यमियों को एक मंच पर लाने का काम किया है।
बड़े पैमाने पर विकास को समर्थन देने के लिए राज्य की तैयारियों को उजागर करते हुए पंजाब विकास आयोग की चेयरपर्सन सीमा बंसल ने सत्र को मजबूत और सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने कहा, “पंजाब में हमारे पास व्यापार और नवाचार के लिए एक उत्कृष्ट और अत्यंत सहायक इकोसिस्टम मौजूद है। जब हम आज के सफल टेक्नोलॉजी यूनिकॉर्न
निवेश पंजाब सम्मेलन: ‘आइडिया टू इम्पैक्ट: एक स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की यात्रा’ सत्र में राज्य के मजबूत इकोसिस्टम और यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर चर्चा
स्टार्टअप्स को देखते हैं, तो स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि हमारे पास ऐसे विकास को समर्थन देने के लिए सभी आवश्यक बुनियादी तत्व मौजूद हैं। अब हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि हम राज्य में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की स्थापना और उनके विकास के लिए इस इकोसिस्टम को किस प्रकार और अधिक सशक्त बना सकते हैं।”
इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की निदेशक सुरभि मलिक ने पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों की जानकारी दी। एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान में स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने और नए उद्यमों के लिए रास्ता आसान बनाने हेतु व्यापक वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन करने की रूपरेखा दी|
हीरो साइकिल और एम.बी.सी.आई.ई के एमडी एस.के. राय ने अपने संबोधन की शुरुआत उर्दू के शेर “हंगामा शुरू करना मेरा मकसूद नहीं” से करते हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने राज्य सरकार की सहायता के साथ-साथ वैकल्पिक फंडिंग के नए रास्ते विकसित करने की जोरदार वकालत की। आईआईटी रुड़की द्वारा विकसित एक सफल मॉडल का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इसमें 24,000 से अधिक निवेशकों ने स्टार्टअप्स में प्रति निवेशक कम से कम 1,00,000 रुपये का निवेश करने के लिए प्रेरित किया का विवरण देते हुए कहा कि स्टार्टअप में निवेश करना निवेश के सबसे सुरक्षित रूपों में से एक है। पंजाबियों की भावना की सराहना करते हुए उन्होंने अपने भाषण का समापन उत्साहपूर्ण शेर “हम तो दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है” के साथ किया।
इससे पहले सत्र में टी.आई.ई. चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा ने स्टार्टअप्स को फंडिंग और मार्गदर्शन देने में अपनी संस्था के व्यापक प्रयासों पर प्रकाश डाला। उभरते उद्यमियों की चिंताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “जब लोग हमारी बात सुनते हैं, तो वे वास्तव में यह जानना चाहते हैं कि एक कंपनी को अधिक सफल क्या बनाता है। लगभग 1993 से हम इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि हम आपको कैसे शिक्षित कर सकते हैं, बाजार में आपकी उपस्थिति कैसे बना सकते हैं और आपके विकास में किस तरह मदद कर सकते हैं।”
संवाद को आगे बढ़ाते हुए पंजाब इनोवेशन मिशन के सीईओ सोमवीर आनंद ने “स्टार्टअप पंजाब” पहल के साथ काम करने के अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए और नवीनता को को उत्साहित करने की वास्तविकताओं पर प्रकाश डाला। इस गतिशील चर्चा का संचालन केपीएमजी में फूड, एग्रीकल्चर और एलाइड सर्विसेज के लीड हिमांशु रतन ने विशेषज्ञता के साथ किया।
सत्र के अंत में एक रचनात्मक खुली चर्चा आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित लोगों को पैनल के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इसके बाद मुख्य वक्ताओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।