India announced relief package for Sri Lanka:
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्रीलंका दौरे(India- Sri Lanka) पर कोलंबों पंहुचे. इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री हरिनी अमरासूर्या से मुलाक़ात की. श्रीलंका में चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह से निपटने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत की ओर से मदद का एलान किया.
45 करोड़ अमेरिकी डॉलर का पैकेज- India- Sri Lanka-
विदेश मंत्री ने बताया, “ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारत, श्रीलंका को 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर का रीकंस्ट्रक्शन पैकेज देने के लिए प्रतिबद्ध है.” विदेश मंत्री के मुताबिक़ इस पैकेज में सड़क, रेलवे और पुल कनेक्टिविटी की बहाली, पूरी तरह से नष्ट और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए घरों का निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए सहयोग और कृषि क्षेत्र के लिए सहयोग शामिल है.
मरम्मत और पुनर्निर्माण में खर्च होगी राशि-
भारत की इस सहायता राशि से सड़कों, रेलवे और पुलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण, पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए घरों का निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की सुविधाओं को फिर से खड़ा किया जाएगा. इसके अलावा कृषि क्षेत्र को भी विशेष सहायता दी जाएगी, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि में संभावित खाद्य कमी से निपटा जा सके.
1,100 टन राहत सामग्री और 14.5 टन दवाइयां व मेडिकल उपकरण भेज चुका है भारत-
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत और श्रीलंका के बीच रिश्ते बेहद मजबूत हैं और भारत हर हाल में श्रीलंका के साथ खड़ा रहेगा. इससे पहले, श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के साथ संयुक्त बयान में जयशंकर ने बताया कि शुरुआती राहत कार्यों के तहत भारत ने करीब 1,100 टन राहत सामग्री और 14.5 टन दवाइयां व मेडिकल उपकरण श्रीलंका भेजे थे.
Pleased to call on H.E President @anuradisanayake in Colombo today.
Conveyed Prime Minister @narendramodi’s warm wishes and message of solidarity in aftermath of Cyclone Ditwah.
Building on our First Responder activity under #OperationSagarBandhu, India will commit to a… pic.twitter.com/gGY9qbiWap
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) December 23, 2025
भारत की इस पहल को ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का अहम उदाहरण माना जा रहा है. संकट के समय श्रीलंका की मदद कर भारत ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि वह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने पड़ोसी देशों के साथ साझेदारी निभाने में भी सबसे आगे है.
तूफ़ान दित्वाह की वजह से श्रीलंका में हुआ था भारी नुक़सान –
नवंबर महीने के आख़िर में चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह की वजह से श्रीलंका में भारी नुक़सान हुआ था. तूफ़ान की वजह से देशभर में 150 से अधिक मौतें हुई थीं. श्रीलंका के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर के मुताबिक़, इस तूफ़ान के कारण मची तबाही में 20 हज़ार से अधिक घर नष्ट हो गए थे. एक लाख से अधिक लोगों को सरकारी राहत शिविरों में भेजा गया था.



