धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर में कैसे होता है सुधार? जानिए कुछ ही दिनों से लेकर सालों तक होने वाले चमत्कारी बदलाव

चंडीगढ : धूम्रपान हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इससे फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।…

चंडीगढ : धूम्रपान हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इससे फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन एक अच्छी बात यह है कि सिगरेट छोड़ने के साथ ही शरीर खुद को हील करना शुरू कर देता है। इसके सकारात्मक परिणाम कुछ दिनों के भीतर ही दिखने लगते हैं, जबकि कैंसर जैसे बड़े खतरों को टलने में कुछ साल का समय लगता है। आइए जानते हैं कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद शरीर में किस तरह के बदलाव और सुधार देखने को मिलते हैं:

शुरुआती दिनों और महीनों में होने वाले सुधार

सिगरेट छोड़ते ही शरीर में हीलिंग की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाती है। समय के साथ होने वाले प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

कुछ दिनों में: खून में मौजूद निकोटीन का स्तर घटकर शून्य पर पहुंच जाता है और शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य होने लगता है।

1 से 12 महीने के भीतर: खांसी की समस्या और सांस फूलने जैसी परेशानियां कम होने लगती हैं, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में आसानी महसूस होती है।

1 से 2 साल के अंदर: दिल की सेहत में सुधार होता है और हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

5 से 10 साल के दौरान: मुंह, गले और वॉयस बॉक्स के कैंसर का अतिरिक्त खतरा लगभग आधा हो जाता है।

लंग कैंसर के खतरे में आती है कमी

शोध और अमेरिकन कैंसर सोसायटी के आंकड़ों के अनुसार, स्मोकिंग छोड़ने के 10 से 15 साल बाद लंग कैंसर का अतिरिक्त खतरा उन लोगों की तुलना में करीब 50 प्रतिशत (आधा) कम हो जाता है, जो लगातार धूम्रपान जारी रखते हैं।

हालांकि, इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि 15 साल बाद खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है। लंबे समय तक स्मोकिंग करने वाले लोगों में जोखिम आगे भी बना रह सकता है, लेकिन समय के साथ यह लगातार कम होता जाता है। जितनी जल्दी सिगरेट छोड़ी जाएगी, शरीर को उतना ही अधिक फायदा मिलेगा।

फेफड़ों की सेहत को प्रभावित करने वाले अन्य कारक

लंग कैंसर का खतरा केवल स्मोकिंग से ही तय नहीं होता है। इसके अलावा कुछ अन्य पर्यावरणीय और बाहरी कारक भी जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जैसे:

सेकेंडहैंड स्मोक

वायु प्रदूषण 

रेडॉन गैस

कार्यस्थल पर मौजूद कुछ हानिकारक और जहरीले पदार्थ

यही वजह है कि स्मोकिंग छोड़ना फेफड़ों की बेहतर सेहत और लंबी उम्र के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और उठाया गया सही कदम है।

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