न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार, बातें तो बड़ी-बड़ी करती है, लेकिन बातें है बातों का क्या की तर्ज पर सियासत भी की जा रही है। गुरूग्राम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में छात्र की हत्या कर दी जाती है और सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री तक सिर्फ बयान देते दिख जाते हैं। यह हकीकत है उस प्रदेश की जहां बातें बड़ी-बड़ी की जाती है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया जाता है। एक बार फिर हरियाणा से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, इतनी घिनौनी की आपका सिर शर्म से झुक जाएगा।
हरियाणा प्रदेश के स्कूलों में बच्चे कितना सुरक्षित है। इस बात का अंदाजा हम इसी बात से लगा सकते हैं कि गुरुग्राम में बच्चे की हत्या के बाद भी प्रदेश के स्कूलों में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ना ही किसी भी अधिकारी को फुसर्त है और ना ही इस बात को गंभीरता से लिया जाता है कि स्कूलों की हालत कैसी है। ताजा मामला हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के गृह जिले महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास के सरकारी स्कूल का है, जहां भगवान की कृपा से करीब दो हजार बच्चों की जान बच गई।
हुआ यह कि भोजावास गांव में सरकारी स्कूल के वाटर टैंक में किसी व्यक्ति ने कीटनाशक डाल दिया। इस कारण वाटर टैंक का पानी विषैला हो गया था। स्कूल के दो बच्चे जब पानी पीने गये तो उनको दुर्गंध आई, जिसके कारण उन्होंने पानी नहीं पीया और दूसरों को भी रोक दिया। इसके बाद बच्चों ने टीचर्स को मामले की जानकारी दी। जब शिक्षकों ने जांच शुरू की तो वाटर टैंक में कीटनाशक मिला। इसका पता चलते ही पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया। बच्चे सहम गए तो बड़ी संख्या में अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए।
हैरानी की बात यह है कि इस स्कूल में करीब दो हजार बच्चे पढ़ते हैं। इस मामले की जानकारी मिलने पर गांव के सरपंच और प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने पानी के सैम्पल को जांच के लिए लैब में भिजवा दिया। वहीं पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ BEO राजबाला का कहना है कि स्कूल पहुंचकर आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पानी की टंकी में जहर किसने डाला, इसकी जांच की जा रही है। स्कूलों की निगरानी के लिए सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारी कह रहें है कि मामले की जांच की जाएगी, दूसरी तरफ सरकार खामोश है। खामोश इसलिए है कि इसमें राजनीति का नफा-नुकसान छिपा है। नफा विरोधियों की सियासत को दिख रहा है तो नुकसान खट्टर सरकार के लिए है। दरअसल यह हरियाणा के उस सरकार की नाकामयाबी है, जिसने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर तमाम नारे बुलंद कर दिए। लेकिन ना तो बेटी ही सुरक्षित है और ना ही बेटे। अगर आप भूल गए तो प्रद्युमन को याद कर लीजिए, वो बेटा था और बेटियों की गिनती शायद आप कर नहीं सकेंगे।




