Dharamshala College Student Harassment Case:
हिमाचल के धर्माशाला में राजकीय महाविद्यालय की छात्रा की मौत मामला (Himachal Student Harassment) गंभीर होता जा रहा है. छात्रा के साथ कथित तौर पर रैगिंग, जातिगत अपमान और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद अब विरोध का दायरा और व्यापक हो गया है. CPI(M) के बाद अब आंबेडकर महासभा ने भी इस मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आंबेडकर महासभा की प्रदेश इकाई ने अनुसूचित जाति समाज के लोगों के साथ धर्मशाला DC कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया.
Himachal Student Harassment; शैक्षणिक संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल-
धरने के दौरान वक्ताओं ने कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए. रिटायर्ड शिक्षक सरदार जगविंदर सिंह ने कहा कि एक शिक्षक को यह भली-भांति पता होना चाहिए कि छात्रों के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रिंसिपल ने इस पूरे मामले पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय मूक दर्शक की भूमिका निभाई और घटना के बाद लीपापोती के लिए आपात बैठक बुलाना बेहद निंदनीय है.
जातिगत प्रताड़ना और पुलिस पर लापरवाही के आरोप-
प्रदेश अध्यक्ष रूपरेखा ने कहा कि छात्रा के साथ शैक्षणिक संस्थान में जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया, उसके बाल काटे गए और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. इसके बावजूद पुलिस ने समय पर शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की, जिससे छात्रा की तबीयत और अधिक बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को समझते हुए कड़ा संज्ञान लेने की मांग की.
आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरना जारी-
प्रदेश महासचिव सीताराम भाटिया ने कहा कि वे जिलाधीश से अपील करने आए हैं कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और दिवंगत छात्रा को न्याय मिले. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा.



