Himachal Jhanki in Republic Day:
गणतंत्र दिवस कि परेड के लिए इस बार भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देश के 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया था। इसमें हिमाचल प्रदेश की झांकी भी शामिल थी। सोमवार को हिमाचल की झांकी दिल्ली में निकली। इसमें दिखाया कि गया कि हिमाचल प्रदेश न सिर्फ देवी-देवताओं की भूमि है, बल्कि निडर देशभक्ति की भी भूमि है। इसने अपने बहादुर बेटों और बेटियों को श्रद्धांजलि दी। यह इस विचार पर आधारित थी कि यह राज्य, जिसे ‘देवभूमि’ या देवताओं की भूमि के रूप में पूजा जाता है, उतना ही ‘वीर भूमि’, यानी बहादुरों की भूमि भी है।
क्या थी इसकी थीम-
हिमचाल ने देश को 1,203 वीरता पुरस्कार विजेता दिए हैं। जिनमें चार परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र और 10 महावीर चक्र शामिल हैं। इसने हिमाचल के उन बेटों और बेटियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने पहाड़ों की सहनशक्ति से प्रेरित होकर, बहादुरी और बलिदान के साथ देश की पुकार का जवाब दिया है। रक्षा बलों में भारत के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक के रूप में, हिमाचल की विरासत सिर्फ अतीत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके लोगों के चरित्र में गहराई से बसी हुई है।

झांकी में यह दिखाया गया। इसका मकसद पवित्रता और वीरता को मिलाना था। जिसमें राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि के साथ-साथ उसकी गौरवशाली सैन्य परंपरा को भी दिखाया गया। यह एक शक्तिशाली याद दिलाता है कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं के आशीर्वाद और निडर देशभक्ति की भूमि है, ‘देव भूमि’ के बीच बसी एक सच्ची ‘वीर भूमि’।



