डेस्क रिपोर्ट लिविंग इंडिया न्यूज
राम रहीम प्रकरण में जो हिंसा हुई उसको लेकर हरियाणा सरकार पहले से ही सवालों के घेरे में हैं। इसी बीच एक मामला और सामने आया है जो सीधे सीएम मनोहर लाल के ऑफिस में जाकर पहुंचती है। दरअसल आरोप है कि सीएम मनोहर लाल का एक ओएसडी पंचकूला में पुलिस कार्रवाई में बाधा पहुंचाने पहुंचा था।
सीएम मनोहर लाल के OSD पर आरोप – पुलिस कार्रवाई में बाधा पहुंचाने वाला सीएम का OSD कौन ?
पंचकूला में राम रहीम के गुंडों ने जो उत्पात मचाया उसके लिए कौन जिम्मेदार है ? मनोहर लाल की हरियाणा सरकार को शुरू से ही इस पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। लेकिन मामला तब और गरमा गया जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के एक ओएसडी का नाम सामने आया।
जो पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने ऑन स्पॉट रात में पंचकूला पहुंचा था। हाईकोर्ट के वकील रविंदर ढुल की माने तो जिस रात हाईकोर्ट ने पंचकूला को खाली करने के लिए कहा था उसी रात मुख्यमंत्री का एक ओएसडी जीरकपुर के पास पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने पहुंचा था। और पुलिस जो राम रहीम के समर्थकों को हटा रही थी उसे रोक दिया था।
अब सवाल उठता है कि आखिर हरियाणा सरकार का वो कौन ओएसडी है जो राम रहीम के समर्थन में दंगा भड़काने की साजिश रच रहा था। क्योंकि मनोहर लाल के कई ओएसडी है
* Bhupeshwar Dayal
* Amarjit Singh
* Neeraj Daftuar
* Capt. Bhupinder
* Amarendra Singh
हालांकि अभी नाम का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन ये पांचों सीएम मनोहर लाल के ओएसडी हैं। जाहिर है अगर ओएसडी ने पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की है तो इन्हीं पांचों नामों में से एक होगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि डेरा बीजेपी का समर्थक रहा है और मनोहर लाल की पूरी सरकार डेरे में हमेशा नतमस्तक रही है। जाहिर है ये राजनीति की रणनीति है लेकिन 38 मौतों की जिम्मेदारी अगर सरकार पर आ जाए तो सोचिए जनता के लिए सर्वनाश का समय नजदीक है।
