ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि, युवा पीढ़ी को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के साथ ही उनमें संस्कारों का समावेश करना बेहद जरूरी है। शैक्षणिक संस्थाएं युवा शक्ति को सकारात्मक ऊर्जा की ओर ले जाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। राज्यपाल शुक्रवार को झज्जर में नवनिर्मित स्कूल के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। राज्यपाल ने स्कूल के नए भवन का शुभारंभ किया।
स्कूल भवन के शुभारंभ के साथ ही आयोजित वार्षिक उत्सव में युवा वर्ग को संबोधित करते हुए राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि, देश की भावी कर्णधार युवा शक्ति हमारे देश की रीढ़ है। इस युवा शक्ति को सकारात्मक दृष्टिïकोण देने में ऐसे शिक्षण संस्थानों का अतुलनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पवित्र भूमि है, जहां कौरवों व पांडवों के बीच में धर्म-युद्ध हुआ और भगवान श्री कृष्ण ने कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। गीता के उपदेश से हमे जीवन दर्शन का संदेश तो मिलता ही है साथ ही शिक्षा का संदेश भी मिलता है। उन्होंने शिक्षा की महत्ता बताते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा साधन है जिससे देश, दुनिया को बदला जा सकता है। शिक्षा मेहनत और संघर्ष से ही ग्रहण की जा सकती है।
ऐसे में शिक्षा के प्रति अध्यापकों व विद्यार्थियों को और गंभीर होना होगा। युवाओं को माता-पिता, गुरूजनों, जन्मभूमि, मातृभाषा एवं भारतीय संस्कृति का आदर करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि, शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भागीदारी युवा वर्ग को सभ्य नागरिक बनाने में मददगार बनती है। साथ ही औपचारिक शिक्षा प्राप्ति के साथ ही आज हमें नैतिक शिक्षा की भी अत्यंत आवश्यकता है जिससे संस्कारवान बनाने में युवाओं को आगे लाया जाना जरूरी है।


