Gobindgarh LPG Shortage Impect
ईरान–इजराइल युद्ध के बीच गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर अब एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ की इंडस्ट्री पर भी पड़ने लगा है। गैस कंपनियों ने यहां की औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली गैस सप्लाई में करीब 70 फीसदी तक कटौती कर दी है। इसके साथ ही गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे उद्योगपति गंभीर (Gobindgarh LPG Shortage) चिंता में हैं।
हफ्ते में दो दिन ही चल पाएंगे उद्योग
ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन नई दिल्ली के अध्यक्ष विनोद वशिष्ट ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से नोटिस जारी कर पूरी इंडस्ट्री को पीएनजी पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पहले इंडस्ट्री को जरूरत से करीब 20 फीसदी अतिरिक्त गैस मिल जाती थी। यानी लगभग 120 फीसदी सप्लाई थी, लेकिन अब जरूरत की गैस में से करीब 50 फीसदी कट लगा दिया गया है। ऐसे हालात में उद्योग हफ्ते में मुश्किल से दो दिन ही चल पाएंगे।
कोयले या वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की दें अनुमति
उन्होंने बताया कि पीएनजी पर इंडस्ट्री चलाने के लिए नई भट्ठी लगाने पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक खर्च आता है। अगर ऐसी भट्ठी में कोयले का इस्तेमाल कर लिया जाए तो वह खराब हो जाती है और फिर से नई भट्ठी लगानी पड़ती है। ऐसे में उद्योगों के लिए बार-बार इतना बड़ा निवेश करना संभव नहीं है। उद्योगपतियों ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि जब तक गैस सप्लाई स्थिर नहीं हो जाती, तब तक कम से कम एक वर्ष के लिए कोयले या अन्य वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे देश में उद्योगों के लिए एक समान नीति बनाई जाए, ताकि प्रतिस्पर्धा में असमानता न हो और उद्योगों को राहत मिल सके।
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