दिल्ली, 25 सितंबर
देशभर में 10 दिनों तक चला गणेश उत्सव आज समाप्त हो रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भक्त नम आंखों से बप्पा की विदाई कर रहे हैं।आज देश में अनंत चतुर्दशी भी मनाई जा रही है। आज भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होगी। भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू हुआ यह उत्सव चतुर्दशी पर बप्पा के विसर्जन के साथ समाप्त होगा।
बप्पा के विसर्जन से पहले कान में कहे मनोकामना
धार्मिक मान्यता है कि बप्पा के विसर्जन से पहले कान में अपनी मनोकामना कहने से जल्दी पूरी हो जाती है। बप्पा के दाएं कान में अपनी इच्छा धीरे से कहें।इसके लिए अपने मुंह और बप्पा के कान को हल्के से ढंक लें ताकि आपकी बात कोई दूसरा न सुन सके।
मान्यता है कि विसर्जन से पहले कही मान्यता जल्दी पूरी हो जाती है, इसलिए सच्ची मनोकामना ही कहें।उसके बाद बप्पा से क्षमा प्रार्थाना मांगे.बप्पा से कहें दस दिनों की सेवा में हुई कोई गलती या भूल के लिए उन्हे क्षमा करें।बप्पा को अगले साल आने के लिए निमंत्रण दें।घर में सुख-शांति और मंगल बनाए रखने की कामना करें।
क्यों किया जाता है बप्पा का विसर्जन?
पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन महर्षि वेदव्यास द्वारा बोली गई महाभारत का लेखन कार्य गणेश जी ने पूरा किया था।उसके बाद शीतल जल में गणेश जी ने स्नान किया था। मान्यता है कि इस दिन बप्पा अपने धाम कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं और पीछे सुख, समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद छोड़ जाते हैं।
देशभर में विसर्जन के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम
देशभर में आज बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। मुबंई में 383 कृत्रिम कुंड बनाए जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर 25 हजार से भी ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।हैदराबाद के हुसैन सागर में विसर्जन को लेकर 30 हजार से भी ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 10 हजार CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी।
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