कैथल, 16 अक्टूबर
हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर सराहनीय कार्य कर रही है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 33 महिला थाने स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हर 20 किलोमीटर के दायरे में महिला कॉलेज स्थापित किए गए हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए लाडो लक्ष्मी योजना सहित अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
CM सैनी बेटियों के हित में कर रहे काम
उपाध्यक्ष मीना परमार ने आईजी कॉलेज में आयोजित वीरांगना युवती सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं तथा समय-समय पर उनके हित में विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि परिषद छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। परिषद बेटियों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने, छात्रावास, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में उनकी समस्याओं को उठाने तथा उनका समाधान करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके अतिरिक्त, परिषद पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी कार्य कर रही है।
छात्राओं को अधिकारों के प्रति किया जागरूक
हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने छात्राओं को आयोग की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि आयोग महिलाओं के मान-सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। किसी भी महिला को परेशानी होने पर आयोग के समक्ष अपनी शिकायत रखनी चाहिए, ताकि मामले का नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करें।
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