Economic Survey 2026:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इस सर्वे में आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में भारत की मध्यम अवधि की संभावित विकास दर (Potential Growth) 6.5% आंकी गई थी। अब, पिछले कुछ वर्षों के सुधारों के बाद यह स्पष्ट है कि भारत की उत्पादन क्षमता मजबूत हुई है और विकास की यह संभावना अब 7% के स्तर को छू रही है। यानी 7 फीसदी की (Economic Survey 2026) विकास दर अब न्यू नॉर्मल है। सरकार ने अपनी इस रिपोर्ट कार्ड में बताया है कि आने वाले वित्त वर्ष (2026-27) में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।

इस सर्वे के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष यानी वित्तीय वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी विकास दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। यह मौजूदा वित्त वर्ष के अनुमान से कम है। सरकार का मानना है कि इस साल अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर जोर-
सर्वे में रोजगार को लेकर सकारात्मक आंकड़े पेश किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट आई। यह 2017-18 के 6% से घटकर 2023-24 में 3.2% पर आ गई है। सरकार का पूरा जोर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल सरकार ने अपने पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) का 75% हिस्सा सिर्फ तीन क्षेत्रों में खर्च किया। ये हैं- रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन।
विदेशी निवेश में Service Sector सबसे आगे-
विदेशी निवेश के मामले में सेवा क्षेत्र (Service Sector) सबसे आगे रहा। जिसे कुल इक्विटी प्रवाह का 19.1% मिला। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का नंबर आता है। सर्वे में कहा गया है कि भारत में औद्योगिक अनुसंधान कम है और यह मुख्य रूप से दवा, आईटी और रक्षा क्षेत्रों तक ही सीमित है। इसे बढ़ाने की जरूरत है।



