Parliament Budget Session: संसद का बजट सत्र आज भी हंगामे की भेंट, जानिए आज क्या रहे कारण, कंगना और बिट्टू ने राहूल को क्या कहा?

Seventh day of Parliament’s Budget Session: संसद के बजट सत्र के सातवां दिन वीरवार को विपक्षी दलों और सरकार के बीच गतिरोध बरकरार रहा। इसके…

Seventh day of Parliament's Budget Session: संसद के बजट सत्र के सातवां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ी कार्रवाई, जानिए आज क्या रहे ववाल के कारण और कंगना और बिट्टू ने राहूल को क्या कहा?

Seventh day of Parliament’s Budget Session:

संसद के बजट सत्र के सातवां दिन वीरवार को विपक्षी दलों और सरकार के बीच गतिरोध बरकरार रहा। इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही बीते तीन दिनों से हंगामे की भेंट चढ़ रही है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में जवाब दे सकते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देने के लिए पीएम मोदी को लोकसभा में चार अप्रैल की शाम पांच बजे से भाषण देना था। विपक्ष के हंगामे के कारण पीएम मोदी का भाषण टल गया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।

अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बवाल-

विपक्ष ने संसद में अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर विस्तृत जानकारी के लिए चर्चा की मांग की है। लोकसभा में गतिरोध बरकरार है। स्पीकर ओम बिरला ने सदन में हंगामे पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि सदन में मर्यादा बनाए रखना सबकी सामूहिक जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अव्यवस्था की हालत को देखते हुए सदन की कार्यवाही चलाना संभव नहीं है। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

दो बजे तक स्थगित –

संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का आज चौथा दिन है। लोकसभा में हंगामे के बीच प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब नहीं दे सके। इसी बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन में पेश प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित होने की घोषणा की। गतिरोध बरकरार रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे से राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरू हुआ और इस दौरान सरकार से कई अहम सवाल पूछे गए।

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, ‘संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने और बहस शुरू करने का अधिकार होता है, जिसे इस सदन में पूरी तरह से नकार दिया गया है। हमारा एकमात्र एजेंडा यह है कि विपक्ष के नेता को बोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।

परिवार की पार्टी रह गई काग्रेस –

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ‘हम जब कांग्रेस में थे, जीतकर पार्टी को सीट लाते थे, उनपर कभी बोझ नहीं बने। जब लगा कि ये परिवार की पार्टी रह गई, गांधी की पार्टी रह गई तब लोग निकल गए। अगर कांग्रेस रहती तो कांग्रेस में लोग रहते। अगर ये कांग्रेस होती तो सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी निलंबित होते। बंधुआ मजदूरों कि तरह अपने सांसदों को आगे करके उन्हें निलंबित करवा देते हैं और अब मौज से गाड़ी में आते हैं और चले जाते हैं।’

‘माल’ और ‘कबाब’, शब्दों पर ध्यान दें-

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, उनके शब्दों पर ध्यान दीजिए, जिस तरह से उन्होंने एपस्टीन फाइलों के बारे में भी कहा कि इसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ हैं। जिस इंसान की इतनी खराब सोच हो उनके क्या उम्मीद कर सकते हैं।

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