ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:- नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी NRC के खिलाफ पूरे देश में विरोध हो रहा है। और इन विरोध के शुरुआती दिनों में हिंसा भी हुई थी जिसको लेकर अब प्रवर्तन निदेशालय ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिस में कहा गया है कि हिंसा के तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई से जुड़े हुए थे।
मामले को जयसिंह ने बकवास करार दिया
जानकारी के मुताबिक ईडी के सूत्रों ने बताया कि PFI ने करोड़ों रूपये देश के वकीलों को दिए गए थे। इन वकीलों में इंदिरा जयसिंह और कपिल सिब्बल के नाम भी शामिल है। हालांकि, इस मामले को वकील इंदिरा जयसिंह ने बकवास करार दिया है।
ED का दावा- PFI ने इकट्ठा किए थे 134
साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि, पीएफआई और उससे जुड़े करीब 73 बैंक एकाउंट की जानकारी उन्हें मिली है। कहा जा रहा है कि नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी NRC के खिलाफ पूरे देश में विरोध करने के लिए 134 करोड़ रुपये का फंड प्रयोग में लाया गया था।
साथ ही इस मामले में रेहाब इंडिया फाउंडेशन का भी नाम सामने आ रहा है। और बात यहीं खत्म नहीं होती है, मौजूदा दौर में चल रहे शाहीन बाग पर रार पर धरना प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए भी कई बैंक अकाउंट खोले गए है।
बतादें कि इससे पहले देश में अर्थव्यवस्था,बेरोजगारी और किसानों की परेशानी पर संसद के बजट सत्र का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी आज सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संसदीय रणनीति समूह की बैठक करने वाली हैं। लेकिन अब PFI पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का नाम आने के बाद कोई खास रणनीति बना सकती है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि, PFI पर बीजेपी संसद में उससे सवाल जरूर करेगी।




