बजट सत्र से पहले आज कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक,

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:- अर्थव्यवस्था,बेरोजगारी और किसानों की परेशानी पर संसद के बजट सत्र का कांग्रेस विरोध करेगी,साथ ही नागरिक सुधार कानून,एनपीआर और एनआरसी के…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:- अर्थव्यवस्था,बेरोजगारी और किसानों की परेशानी पर संसद के बजट सत्र का कांग्रेस विरोध करेगी,साथ ही नागरिक सुधार कानून,एनपीआर और एनआरसी के बारे में देश भर में कांग्रेस आंदोलन करेगी जिसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए आज कांग्रेस का संसदीय रणनीति समूह बैठक करेगा।

जानिए कौन-कौन होगा बैठक में मौजूद

इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम डॉ। मनमोहन सिंह, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी सदस्य आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, पार्टी; लोक सभा नेता अधीर रंजन चौधरी, कोडिकुन्नील सुरेश, संगठनात्मक महासचिव केसी वेणुगोपाल,और सांसद शाम को गांधी के निवास पर होने वाली बैठक में गौरव गोगोई, और मणीकम टैगोर के मौजूद रहने की उम्मीद है।

राहुल करेंगे वायनाड और जयपुर में CAA के खिलाफ रैलियों 

बतादें कि, संसद के बजट सत्र के मद्देनजर कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी जयपुर में 28 और 30 को वायनाड में सीएए के खिलाफ रैलियों के दौरान सरकार पर सीधा हमला करेंगे।

NRCका मुद्दा सत्र के दौरान उठाया जाएगा

तो पार्टी एनपीआर और एनआरसी को एक गरीब विरोधी कह रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा,NRCका मुद्दा सत्र के दौरान उठाया जाएगा, लेकिन पार्टी अर्थव्यवस्था पर भी जोर देगी।” सरकार के हाथ अर्थव्यवस्था पर बंधे हैं। इस मामले में, आम बजट में एक बड़ी घोषणा की उम्मीद कम है। दुनिया भर के अर्थशास्त्री भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। इसलिए, विपक्ष सरकार से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा।

तृणमूल कांग्रेस,सपा, बसपा ने किया था बैठक से परहेज

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस, सपा और बसपा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, एनपीआर और एनआरसी पर निर्णय लेने के लिए विपक्षी दलों के साथ बैठक करने से परहेज किया था। हालांकि, कांग्रेस को उम्मीद है कि बजट सत्र में सभी विपक्षी दल एक साथ आएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह एक विपक्षी दल के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है। हम विधायी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, लेकिन निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति, कृषि संकट और सीओए पर बहस की मांग करेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *