मोहाली : सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस गरिमामय और अनुशासित वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक भावना को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कर्नल दलजीत सिंह चीमा (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके विशिष्ट सैन्य सेवाकाल और उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर उनके अनुभव और योगदान को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ते हुए स्मरण किया गया, जिससे कार्यक्रम की सार्थकता और अधिक सुदृढ़ हुई।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक ध्वजारोहण से हुई। सर्द मौसम के बीच तिरंगे को फहराया गया, जिसके उपरांत सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया। इस दौरान परिसर में उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एनसीसी कैडेट्स की परेड रही। अनुशासित कदमताल, संतुलित पंक्तियों और सटीक ड्रिल के माध्यम से कैडेट्स ने अनुशासन, सेवा और कर्तव्यबोध का परिचय दिया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित जनसमूह से सराहना मिली।
समारोह के दौरान भारत की स्वतंत्रता से संवैधानिक गणराज्य बनने की यात्रा को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि संविधान समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है, जिनका पालन प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय नेतृत्व ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा वर्ग को लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से विकसित भारत की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया।
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह निर्धारित कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों में राष्ट्र के प्रति दायित्व और प्रतिबद्धता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



