ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: देश में अर्थव्यवस्था के बिगड़ते हालात के बीच संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है,संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी। इस दौरान मोदी सरकार की ओर से आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 11 बजे शुरू होगा, बतादें आज पेश होने वाले आर्थिक सर्वे की कॉपियां पहले से ही संसद भवन में पहुंचा दी गईं हैं।
बजट को लेकर लोगों को काफी उम्मीदें
वहीं हर वर्ष की भांति इस बार भी 1 फरवरी को केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर लोगों में काफी उम्मीदें हैं। जहां व्यापारी इनकम टैक्स स्लैब को बढ़ाने के साथ-साथ जीएसटी के स्लैब कम करने की बात कर रहे हैं। वही अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य, शिक्षा, जीडीपी रेट की तरफ ध्यान देना चाहिए ताकि हर व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके । चाहे वह व्यापारी हो दुकानदार हो या आम नागरिक हो या फिर सरकारी अधिकारी के साथ-साथ रिटायर्ड कर्मचारी हो। सरकार को इस बजट में गृहणियों की रसोई का भी खासकर ध्यान रखना होगा जिससे उनकी रसोई का बजट न बिगडे। कैटरिंग का व्यापार करने वाले अजय बवेजा का कहना है कि लोगों को सरकार के इस बजट से बहुत उम्मीदें हैं जिससे आम आदमी भी उम्मीद रखता है कि आने वाला बजट उसके हक में हो।
अर्थशास्त्री का ये कहना है
आम बजट कैसा हो इसे कोई अर्थ शास्त्री ही जान सकता है। डॉक्टर किशन कुमार का मानना है कि, सरकार को वर्तमान टैक्स स्लैब में छूट देने का काम करना चाहिए। यदि छूट बढ़ेगी तो उससे डिमांड के साथ साथ खपत बढ़ेगी जिससे हमारी अर्थ व्यवस्था सुदृढ़ होगी। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार की जरूरत है क्योंकि देश की पार्लियामेंट ने शिक्षा पर 6 फीसदी खर्च करने की बात कही थी, उससे स्किल डिवेलपमेंट एवम शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। सरकार को अस्पतालों में हो रही डाक्टर की कमी को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे हमारी स्वास्थ्य सेवाएं ठीक हो सके।
केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर लोगों में काफी उम्मीदें
एक फरवरी को आने वाला केंद्र सरकार का बजट कैसा हो इस बारे में अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग तरीके से अपनी राय रखी। लिविंग इंडिया से बात करते हुए कुछ लोगों ने कहा कि, जहां जीएसटी सहित अन्य टैक्स प्रणाली को सरल किया जाए। इनकम टैक्स के स्लैब रेट बढ़ाई जाए। वही अर्थशास्त्री का कहना था कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, जीडीपी सहित अन्य नागरिक सुविधाओं में बढ़ोतरी करे, जिससे आम नागरिक को परेशानी न झेलनी पड़े। वही ग्रहणी का कहना है कि दिनों दिन बढ़ रहे डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर सहित दालों और सब्जियों के रेट ने उनकी रसोई का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है।


