Dhaka Unrest:
बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा काफी अधिक भड़क उठी है. सड़कों पर उतरे युवाओं ने अखबार और राजनीतिक दलों की इमारतों को निशाना बनाया. हिंसा और आगजनी के बाद हालात चिंताजनक हैं. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई तस्वीरें चुनाव की तैयारी में लगे पड़ोसी देश की मौजूदा स्थिति को बयां कर रही हैं. इस बीच भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर भारत विरोधी नारे लगाए.
चुनावी अभियान में हमले में लगी थी गोली-
उस्मान हादी बंगलादेश में‘जुलाई विद्रोह’ के प्रमुख चेहरे और दक्षिणपंथी संगठन ‘इंक़लाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार रात सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. ढाका के बिजोयनगर इलाके में 12 दिसंबर को एक चुनावी अभियान में हुए हमले में उसके सिर में गोली लगी थी. हादी की मौत की खबर फैलते ही समर्थक, कट्टरपंथी छात्र सड़कों पर उतर आए और आगजनी, तोड़फोड़ और लक्षित हमले शुरू कर दिए.
भारतीय उच्चाउयुक्त पर हमला-
आक्रोशित भीड़ ने खुलना और चट्टोग्राम में भारतीय सहायक उच्चायुक्त पर हमला करने की कोशिश की. चट्टोग्राम में प्रदर्शनकारी भारतीय उच्चायुक्त इमारत की ओर बढ़े और जाकिर हुसैन रोड पर पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए और परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और ‘भारत का बहिष्कार करो,’ ‘अवामी लीग के अड्डों को जला दो,’ और ‘हादी का खून बेकार नहीं जाएगा’ जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने सहायक भारतीय उच्चायुक्त के घर पर हमला किया.
देर रात करीब 1:30 बजे उपद्रवियों ने घर पर ईंट-पत्थर फेंके, हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ. घटना के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया. इस दौरान 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. वरिष्ठ अधिकारियों ने सहायक भारतीय उच्चायुक्त को सुरक्षा का भरोसा दिया है.
समाचार पत्रों के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आग-
ढाका में प्रदर्शनकारी बुलडोजर लेकर आए और धनमंडी 32 में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक घर के बचे हुए हिस्से को गिरा दिया. अवामी लीग के कई नेताओं के दफ्तरों और घरों पर भी हमला किया. इन सब के साथ प्रदर्शनकारियों ने ढाका के कारवां बाजार इलाके में समाचार पत्र द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रोथोम आलो बिल्डिंग की कई मंजिलों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर, दस्तावेज और उपकरण सड़कों पर फेंक दिए और फिर उनमें आग लगा दी. द डेली स्टार के दफ्तर में स्थिति गंभीर हो गई. वहां कम से कम 20 पत्रकार और स्टाफ सदस्य घने धुएं के बीच छत पर फंस गए थे और आग तेजी से इमारत में फैल रही थी. उग्र भीड़ को काबू करने के लिए सेना को तैनात किया गया.
एक दिन के राजकीय शोक का एलान –
हादी की मौत की खबर फैलते ही ढाका यूनिवर्सिटी और शाहबाग चौराहे पर सैकड़ों छात्र और आम लोग सड़कों पर उतर आए. ‘तुम कौन, हम कौन- हादी, हादी’ जैसे नारों से राजधानी गूंज उठी. कुछ जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए और मीडिया संस्थानों पर हमले की खबरें भी सामने आईं. मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने हादी को पराजित ताकतों और फासीवादी शक्तियों का दुश्मन बताते हुए कहा कि डर और हिंसा के जरिए लोकतांत्रिक प्रगति को रोका नहीं जा सकता. उन्होंने शनिवार को एक दिवसीय राजकीय शोक का एलान किया.




