ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: राजधानी दिल्ली के चुनावी रण में आम आदमी पार्टी एक बार फिर सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। वहीं अब बात अरविंद केजरीवाल की करें तो कैसे एक आम आदमी दिल्ली का सीेएम बन गया ये जानना भी आपके लिए जरुरी है। तो आपको बताते हैं अरविंद केजरीवाल के आम आदमी से लेकर सीएम तक के सफर के बारे में।
हरियाणा के हिसार में हुआ जन्म
अरविंद केजरीवाल का जन्म 1949 में हरियाणा के हिसार में हुआ था। उन्होंने 1989 में आईआईटी खड़गपुर से यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में, 1992 में वे भारतीय नागरिक सेवा आईसीएस के एक भाग, भारतीय राजस्व सेवा आईआरएस में आ गए और उन्हें दिल्ली में आयकर आयुक्त कार्यालय में नियुक्त किया गया। शीघ्र ही, प्रारंभ में, अरविंद ने आयकर कार्यालय में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अरविंद केजरीवाल का व्यक्तिगत जीवन
1 995 में, अरविंद ने 1993 के बैच के आईआरएस अधिकारी सुनीता से शादी की।उन्होंने आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल में आयकर आयुक्त के रूप में 2016 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। उनके के दो बच्चे हैं,केजरीवाल शाकाहारी हैं और कई वर्षों से विपश्यना ध्यान तकनीक का अभ्यास कर रहे हैं
नागरिक आन्दोलन-परिवर्तन की स्थापना की
जनवरी 2000 में, उन्होंने काम से विश्राम ले लिया और दिल्ली आधारित एक नागरिक आन्दोलन-परिवर्तन की स्थापना की, जो एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। इसके बाद, फरवरी 2006 में, उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरे समय के लिए सिर्फ ‘परिवर्तन’ में ही काम करने लगे। इसके बाद, उन्होंने पूरे भारत में आरटीआई के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया।8 फ़रवरी 2007 को, अरविन्द को वर्ष 2006 के लिए लोक सेवा में सीएनएन आईबीएन ‘इस वर्ष का भारतीय’ के लिए नामित किया गया। अरविंद ने सूचना अधिकार अधिनियम को स्पष्ट करते हुए गूगल पर भाषण दिया ”
राजनीतिक सफर की शुरुआत की
2 अक्टूबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की औपचारिक शुरुआत कर दी। उन्होंने बाकायदा गांधी टोपी, जो अब “अण्णा टोपी” भी कहलाने लगी है, पहनी थी। उन्होंने टोपी पर लिखवाया, “मैं आम आदमी हूं।” उन्होंने 2 अक्टूबर 20012 को ही अपने भावी राजनीतिक दल का दृष्टिकोण पत्र भी जारी किया।
आम आदमी पार्टी का गठन
आम आदमी पार्टी के गठन की आधिकारिक घोषणा अरविंद केजरीवाल एवं लोकपाल आंदोलन के बहुत से सहयोगियों द्वारा 26 नवम्बर 2012, भारतीय संविधान अधिनियम की 63 वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली स्थित स्थानीय जंतर मंतर पर की गई।
2013 के दिल्ली विधान सभा चुनाव
2013 के दिल्ली विधान सभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा जहां उनकी सीधी टक्कर लगातार 15 साल से दिल्ली की मुख्यमंत्री रही श्रीमती शीला दीक्षित से थी। उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से तीन बार की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 25864 मतों से हराया। अरविंद केजरीवाल को कुल 44269 मत प्राप्त हुये जबकि उनके मुक़ाबले शीला दीक्षित को केवल 18405 मत प्राप्त हुये। नौकरशाह से सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता से राजनीतिज्ञ बने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की राजनीति में धमाकेदार प्रवेश किया। आम आदमी पार्टी ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव में 28 सीटें जीतकर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
2015 के दिल्ली विधान सभा चुनाव
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में फरवरी 2015 के चुनावों में उनकी पार्टी ने 70 में से रिकॉर्ड 67 सीटें जीत कर भारी बहुमत हासिल किया। 14 फरवरी 2015 को वे दोबारा दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।
तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे केजरीवाल
तो अब अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को 62 सीटें मिली हैं बीजेपी को 8 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी।





