वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत सिंचाई क्षेत्र में 167% की वृद्धि: बरिंदर कुमार गोयल

चंडीगढ़, 4 जून: पंजाब की ऐतिहासिक जीवन-धारा में नई जान फूंकते हुए पंजाब सरकार ने बिस्त दोआब नहर की पुनः बहाली से दोआबा क्षेत्र के…

AREA UNDER IRRIGATION OF THE BIST DOAB CANAL NETWORK EXPANDS BY 167% IN 2025-26: BARINDER KUMAR GOYAL

चंडीगढ़, 4 जून:

पंजाब की ऐतिहासिक जीवन-धारा में नई जान फूंकते हुए पंजाब सरकार ने बिस्त दोआब नहर की पुनः बहाली से दोआबा क्षेत्र के खेतों की तस्वीर बदलते हुए किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है। प्रदेश के सिंचाई नेटवर्क को बड़ा बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नहर को पुनर्जीवित करने से वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत सिंचित क्षेत्र में 167% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।

इस संबंध में अधिक जानकारी साझा करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस विस्तार से 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र नहरी सिंचाई के तहत लाया गया है, जिससे इलाके के कृषि क्षेत्र की नींव मज़बूत हुई है।

दोआबे की जीवन-रेखा मानी जाने वाली इस नहर में मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लक्षित प्रयासों के तहत पानी के प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इन प्रयासों से जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला और होशियारपुर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से चली आ रही पानी की कमी को दूर करते हुए सिंचाई प्रणाली को मज़बूत किया गया।

श्री गोयल ने कहा कि रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाले इस नहरी नेटवर्क, जिसमें इसके राजबाहें, माइनर और खाले शामिल हैं, का व्यापक कायाकल्प किया गया है। इससे पानी का वितरण और अधिक सुचारू और कुशल हुआ है, जिससे सिंचित क्षेत्र में काफ़ी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि पुनः बहाली की बड़ी उपलब्धि यह भी है कि बिस्त-दोआब नहरी नेटवर्क के तहत लगभग 19213 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को पहली बार नहरी पानी मिला है। यह उन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो पहले भूजल और बारिश पर निर्भर थे।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पानी के प्रवाह में आए सुधार ने बलाचौर क्षेत्र में काठगढ़ लिफ्ट स्कीम के माध्यम से लिफ्ट सिंचाई प्रणाली को मज़बूत किया गया है। शहीद भगत सिंह नगर के बंगा व मुकंदपुर और जालंधर ज़िले के अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और काला संघियां जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मज़बूत हुआ है, जबकि जालंधर ब्रांच से जुड़े पुनर्जीवित किए राजबाहों ने आखिरी खेत तक पानी के वितरण में वृद्धि की है।

नहर के सुदृढ़ीकरण से अब शहरी क्षेत्र में पानी की ज़रूरतें भी पूरी हो रही हैं। शहर को पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए जालंधर ब्रांच को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। इससे जालंधर नगर निगम की भूजल पर निर्भरता कम हो रही है और अधिक टिकाऊ तथा भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली विकसित हो रही है।

उन्होंने कहा कि बिस्त-दोआब नहर की बहाली सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाने, किसानों की सहायता करने और सुदृढ़ जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन पानी को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह केवल एक बहाली नहीं, बल्कि पूर्ण कायाकल्प है, जो पंजाब की कृषि जीवनशैली की संरक्षण क्षमता और आजीविका को बढ़ाने और स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ने का ईमानदार प्रयास है।

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