हिसार, 29 सितंबर
हिसार की चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 1 व 2 अक्टूबर को कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और अति विशिष्ठ अतिथि के तौर पर कृषि मंत्री श्याम राणा शिरकत करेगे। मेले का तैयारियां जोरो पर का जा रही है।
मेले में पांच राज्यों के किसान लेंगे भाग
कृषि मेले के सबंध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीआर कंबोज के अनुसार मेले में पांच राज्यों के किसान भाग ले रहे है। मेले में कई तरह बीजों की नई किस्मे, नई मशीनरी यंत्र कृषि की नई तकनीक के बारे में किसानों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि मेले में अव्वल आने वाले किसानों पुरुष व महिला किसानों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के लिए तैयारियों को लिए स्टॉल लगाई गई है।
मेले में किसानों को में बीज, उर्वरक, कीटनाशकों के बारे में दी जाएगी जानकारी
मेले का विषय सतत कपास उत्पादन- फसल विविधीकरण एवं जल संसाधन सुरक्षा रखा गया है। कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने बताया कि मेले में किसानों को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा सतत कपास उत्पादन- फसल विविधीकरण एवं जल संसाधन सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मेले में बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि मशीनें व यंत्र निर्माता कंपनियां भाग लेंगी। विभिन्न कृषि कार्यों के लिए उपयुक्त मशीनों, यंत्रों एवं उनकी कार्य प्रणाली के साथ-साथ इन मशीनों की कीमत तथा उनके निर्माताओं की भी जानकारी प्रदान की जाएगी।
बीज एजेंसियों के सहयोग से बिक्री काउंटर स्थापित
डॉ नरेश कौशिक ने बताया कि पूर्व की भांति इस वर्ष भी यह मेला चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के गेट नंबर-3 के सामने मेला ग्राउंड में लगाया जाएगा। इसके लिए मेला स्थल पर विभिन्न सरकारी बीज एजेंसियों के सहयोग से बिक्री काउंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई फसलें दिखाई जाएगी तथा उनमें प्रयोग की गई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों को कृषि, पशुपालन तथा गृह विज्ञान संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए मेले के दोनों दिन प्रश्नोत्तरी सभाएं आयोजित की जाएगी।
किसानों के लिए प्रतियोगिता भी होगी आयोजित
मेला स्थल पर मिट्टी, सिंचाई जल, रोगी पौधों की वैज्ञानिक जांच करवाने की किसानों को सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ दोनों दिन मेले में फसल प्रतियोगिता भी आयोजित होगी।सह निदेशक (विस्तार) डॉ. कृष्ण यादव ने बताया कि कृषि मेले में लगने वाली एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी के लिए स्टॉलों की बुकिंग शुरू की जा चुकी है। प्राइवेट कंपनियों को स्टॉल ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जा रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए उनके बैठने हेतु वाटर प्रूफ पंडाल होगा। उन्होनें बताया कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हर साल कृषि मेला आयोजित करता है जिसमें हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों से हजारों किसान भाग लेते हैं। इस मेले में एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।
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