यमुनानगर, 5 नवंबर
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही यमुनानगर जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और भंडारण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से पटाखों की दुकानों और गोदामों पर लगातार नजर रखी जाएगी। खास तौर पर पारंपरिक पटाखों के भंडारण और बिक्री को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
गोदामों में होगी सुरक्षा की जांच
SDM विश्वनाथ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गोदाम में पारंपरिक पटाखे पाए जाते हैं तो उन्हें सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जो रोजाना जिले में 10 अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर पटाखों की चेकिंग करेगी। इस दौरान गोदामों में रखे पटाखों के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
बिना लाइसेंस वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन की टीम विशेष रूप से गोदामों में फायर सेफ्टी के इंतजाम और बिजली की तारों की स्थिति की जांच करेगी, ताकि किसी भी तरह की आगजनी या हादसे की आशंका को रोका जा सके। वहीं, बिना लाइसेंस के पटाखे बेचने वालों को भी प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस की शर्तों पर ही बिक्री
बता दें कि यमुनानगर जिले में पटाखों की बिक्री के लिए 19 स्थायी लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके अलावा तीन दिन के लिए अस्थायी लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों के अनुसार ही की जा सकेगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन की यह सख्ती पटाखों के अवैध कारोबार पर कितनी प्रभावी साबित होती है। फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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