Trump Cancel Iran Attack:
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को अमेरिका के साथ की काफी उम्मीद थी। इसका एक कारण यह भी था कि, ट्रंप ने कहा कि भी था कि अगर ईरानी सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हैं तो वह उनकी मदद करेंगे। लेकिन हाल ही में ऐसा लग रहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई का मन बना चुके हैं। इसकी आशंका तब और बढ़ गई जब (Trump Cancel Iran Attack) अमेरिका ने ईरान को लेकर एडवाइज़री जारी की।
सैनिकों को हटने के आदेश –
क़तर के अपने अल-उदैद एयर बेस, जो कि मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा एयर बेस है। वहां से कुछ सैनिकों को हटने के आदेश जारी कर दिए। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। हालाँकि गुरुवार की शाम तक ईरान से फांसी को मुल्तवी करने की ख़बर आ गई।
फिर ट्रंप ने भी कहा, “हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक गई हैं. फांसी देने की कोई योजना नहीं है।
Trump Cancel Iran Attack, अमेरिकी सेना तैयार नहीं-
अमेरिका ने क़तर में स्थित अपने अल-उदैद एयर बेस पर सुरक्षा अलर्ट का स्तर घटा दिया। इस सैन्य अड्डे पर बुधवार को सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया था कि बुधवार को जिन अमेरिकी सैन्य विमानों को इस बेस से हटा लिया गया है। वे अब धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं। लेकिन अंग्रेज़ी अख़बार ‘द टेलीग्राफ़’ की एक ख़बर ने सबको चौंका दिया जिसमें दावा किया गया कि हमले के लिए अमेरिकी सेना तैयार नहीं थी।
प्रदर्शनकारियों को थी उम्मीद-
इन सब के बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को अमेरिका के साथ की काफी उम्मीद थी। इसका एक कारण यह भी था कि, ट्रंप ने कहा कि भी था कि अगर ईरानी सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हैं तो वह उनकी मदद करेंगे। 38 वर्षीय सियावश शिरजाद को भी ट्रंप पर भरोसा था. वे पहले भी कई आंदोलनों को हिंसा में बदलते देख चुके थे। 8 जनवरी को तेहरान में एक प्रदर्शन के दौरान सियावश को गोली लगने से मौत हुई। पीछे 12 साल का बेटा रह गया। उनके एक रिश्तेदार ने नाम न बताने की शर्त पर कहा वह आखिरी पल तक यही मानते रहे कि ट्रंप की मदद आएगी। उन्होंने कहा कि मदद रास्ते में है।
फांसी नहीं दी जाएगी-
लेकिन सिर्फ एक दिन बाद ही उन्होंने अपना रुख बदल लिया और कहा कि ईरानी अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि किसी को फांसी नहीं दी जाएगी। इस बयान के बाद ईरान में प्रदर्शनकारियों के बीच मायूसी और डर और गहरा गया। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा छा गया, जबकि हथियारबंद सुरक्षाबल गश्त करते नजर आए। राजधानी से बाहर कुछ इलाकों में विरोध जारी रहा, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया।
सभी विकल्प खुले-
ईरान पर कार्रवाई पर ट्रंप ने कहा- सभी विकल्प खुले हालांकि अमेरिका ने यह भी कहा है कि सभी विकल्प खुले हैं। साथ ही सैन्य कार्रवाई से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि हालात अब भी अनिश्चित हैं। ईरान के भीतर प्रदर्शनकारी फिलहाल असमंजस में हैं। दुनिया से कटे हुए और सख्त कार्रवाई के बीच वे इंतजार कर रहे हैं कि आगे क्या होगा। तेहरान के एक निवासी ने संदेश में कहा प्रदर्शन फिलहाल रुके हुए हैं। लोग देख रहे हैं कि ट्रंप अगला कदम क्या उठाते हैं।



