UPI Rule Change:
यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए सोमवार से कई नियम लागू हो गए हैं. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India – NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ा दी है. इसका फायदा खासतौर पर उन लोगों को होगा जिन्हें रोजमर्रा के बड़े भुगतान जैसे इंश्योरेंस प्रीमियम, लोन EMI, शेयर बाजार निवेश, सरकारी फीस या बड़ी ट्रेवल बुकिंग करनी होती है.
Phonepe, Paytm या Gpay ऐप्स पर ये सेवाएं पहले शुरू होगी. आज से वेरिफाइड मर्चेंट्स एक दिन में 10 लाख रुपये तक का ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे. दो लोगों के बीच यानी पर्सन-टू-पर्सन लेनदेन की सीमा पहले की तरह ही 1 लाख रुपये रोजाना है.
P2M में व्यक्ति सीमा अब 10 लाख रुपये-
P2M में व्यक्ति किसी व्यापारी को भुगतान करता है, जिसकी सीमा अब 10 लाख रुपये हो गई है. P2M का मतलब ‘पर्सन-टू-मर्चेंट’ है, जिसमें एक व्यक्ति किसी दुकान, सर्विस प्रोवाइडर या किसी भी व्यापारी को QR कोड स्कैन करके या मर्चेंट की UPI ID पर पेमेंट करके किया जाता है.
कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस पेमेंट्स
पहले इंश्योरेंस प्रीमियम और कैपिटल मार्केट निवेश की सीमा 2 लाख रुपये थी, अब इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. इसके साथ ही 24 घंटे में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन संभव होगा. क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान के लिए यूपीआई की एक बार की लेनदेन सीमा अब 5 लाख रुपये होगी. साथ ही, एक दिन में अधिकतम 6 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा.
ट्रैवल और गवर्नमेंट पेमेंट्स
यात्रा क्षेत्र में अब एक बार में 5 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा. गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर टैक्स और ईएमडी पेमेंट्स भी अब 5 लाख रुपये तक किए जा सकते हैं. इसके अलावा, लोन और EMI के भुगतान की सीमा भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन कर दी गई है. एक दिन में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है.
कुछ अन्य फाईदे-
- ज्वेलरी खरीद पर सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है और दैनिक सीमा 6 लाख तय की गई है.
– बैंकिंग सर्विसेज में टर्म डिपॉजिट्स के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर अब 5 लाख रुपये तक ट्रांजैक्शन की इजाजत होगी.
– वहीं, विदेशी मुद्रा भुगतान (Forex) BBPS के जरिए अब 5 लाख रुपये तक हो सकेगा.
UPI लिमिट बढ़ने के फायदे?
नई लिमिट्स से यूजर्स को बड़े अमाउंट का पेमेंट छोटे हिस्सों में करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
1. इंश्योरेंस प्रीमियम और लोन EMI एक ही बार में चुकाई जा सकेंगी.
2. शेयर बाजार निवेश और सरकारी फीस के भुगतान में आसानी होगी.
3 – बड़े टिकट या ज्वेलरी की खरीद भी UPI से संभव होगी.
NPCI ने साफ किया है कि नई UPI लिमिट बढ़ोतरी पर किसी भी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. यूजर्स अब बड़े अमाउंट का पेमेंट भी बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के कर सकेंगे. यह बदलाव केवल पर्सन टू मर्चेंट (P2M) पेमेंट्स पर लागू है और इससे डिजिटल लेनदेन और आसान हो जाएंगे.



