Parliament Monsoon Session 2025: संसद का मानसून सत्र आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है, जिसमें हंगामे की संभावना है. विपक्ष पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्यस्थता के दावे और बिहार, मणिपुर और चीन में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर संशोधन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है.
21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में 32 दिनों में 21 बैठकें होंगी. स्वतंत्रता दिवस के लिए 12-17 अगस्त तक सदन स्थगित रहेगा. विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकवादी हमले जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी.
इससे पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में संयुक्त विपक्ष ने सरकार से मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयानों पर देश को जवाब दें. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नियमों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है.
सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी नहीं, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ऑपरेशन सिंदूर समेत प्रमुख मुद्दों पर बयान देंगे. इस बीच, राज्यसभा में विपक्ष को इससे संबंधित प्रश्न पूछने की अनुमति दी जाएगी. विपक्ष ने बिहार, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और चीन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भी चर्चा की मांग उठाई. सरकार मतदाता सूची के मुद्दे पर चर्चा नहीं करेगी क्योंकि यह चुनाव आयोग का मामला है और उच्चतम न्यायालय में लंबित है.
सरकार इस सत्र में जीएसटी सुधार, कराधान कानून और सार्वजनिक ट्रस्ट विनियमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की तैयारी कर रही है. साथ ही नए आयकर विधेयक पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी और एक न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी.
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