India-China Relations: विदेश मंत्री एस जयशंकर (S.Jaishankar) ने चीन की अपनी यात्रा के तहत सोमवार को बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष, सीपीसी पोलित ब्यूरो (CPC Politburo member) के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) के साथ द्विपक्षीय बैठक की.
विदेश मंत्री एस जयशंकर और वांग यी ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और हाल की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने जन-केंद्रित जुड़ाव को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई, जिसमें इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाने की गतिविधियाँ भी शामिल हैं.
जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने में चीनी पक्ष के सहयोग की सराहना की। दोनों पक्ष लोगों के बीच आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए एक-दूसरे के देशों की यात्रा और सीधी उड़ान कनेक्टिविटी बढ़ाने सहित अतिरिक्त व्यावहारिक कदम उठाने पर सहमत हुए.
विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और हाल की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने जन-केंद्रित जुड़ाव पर जोर दिया, जिसमें राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम भी शामिल हैं.
जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने में चीनी पक्ष के सहयोग की सराहना की. दोनों पक्ष लोगों के बीच आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए एक-दूसरे के देशों की यात्रा और सीधी उड़ान कनेक्टिविटी बढ़ाने सहित अतिरिक्त व्यावहारिक कदम उठाने पर सहमत हुए.
विज्ञप्ति में कहा गया कि जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों के सुचारू विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता के सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला और तनाव कम करने तथा सीमा प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रयासों का समर्थन किया.
उन्होंने सीमा पार नदियों पर सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिसमें चीनी पक्ष द्वारा जल विज्ञान संबंधी आँकड़े उपलब्ध कराना भी शामिल है. उन्होंने प्रतिबंधात्मक व्यापार उपायों और आर्थिक सहयोग में आने वाली बाधाओं का मुद्दा भी उठाया.
दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और एससीओ की अध्यक्षता के लिए चीन को भारत का समर्थन व्यक्त किया. उन्होंने रचनात्मक चर्चा के बाद द्विपक्षीय यात्राओं और बैठकों के माध्यम से संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई.
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