Air India plane crash: अहमदाबाद विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे; उड़ान भरने के तुरंत बाद बंद हो गए थे दोनों इंजन

Air India Plane Crash:12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट…

Air India Plane Crash:12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दोनों इंजन उड़ान भरने के तुरंत बाद बंद हो गए थे क्योंकि ईंधन कटऑफ स्विच ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई थी.

आपको बता दें कि इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई. विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे के निकट बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास भवन से टकरा गया, जिससे छात्रावास के छात्रों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए. इस दुर्घटना में कुल 270 लोगों की जान चली गई.

‘इंजन किसने बंद किया’,उलझन में पायलट!
रिपोर्ट के अनुसार, जब दोनों इंजन बंद हो गए, तो एक पायलट को कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में यह कहते सुना गया – ‘आपने इंजन क्यों बंद कर दिए?’ इस पर दूसरा पायलट जवाब देता है – ‘मैंने नहीं किया’ अर्थात् इंजन बंद करने का निर्णय जानबूझकर नहीं लिया गया था, बल्कि यह अचानक और अनजाने में हुआ. अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि ईंधन कटऑफ स्विच स्वचालित रूप से ‘कटऑफ’ मोड में कैसे चला गया, जिससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया.

क्या इंजन की शक्ति खत्म हो गई?
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि दुर्घटना के वीडियो फुटेज में रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) का निष्कासन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. ऐसा तभी होता है जब विमान और इंजन की शक्ति पूरी तरह समाप्त हो जाती है. इसका मतलब यह है कि विमान को उड़ाने के लिए आवश्यक सारी शक्ति खत्म हो गई थी.

रिपोर्ट में  हुए बड़े खुलासे
रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि जब विमान ने उड़ान भरने के तुरंत बाद ऊंचाई हासिल करना शुरू किया तो रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) सक्रिय हो गया. उड़ान पथ पर कहीं भी बड़ी संख्या में पक्षी नहीं देखे गए. हवाई अड्डे की चारदीवारी पार करने से पहले ही विमान की ऊंचाई कम होने लगी.

‘इंजन-1 तो ठीक है, लेकिन दूसरा…’
ब्लैक बॉक्स, अर्थात् एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (ईएएफआर) से प्राप्त डेटा से पता चला कि दोनों ईंधन स्विच ‘रन’ स्थिति में वापस आ गए थे। इसमें इंजन 1 तो थोड़ा ठीक होने लगा, लेकिन इंजन 2 सामान्य स्थिति में नहीं आ सका.

रिपोर्ट में एएआईबी ने कहा, ‘इंजन 1 कोर की गति में गिरावट रुक गई, उलट गई और इसमें सुधार होने लगा।’ इंजन 2 पुनः चालू हो सका, लेकिन इसकी मुख्य गति में गिरावट को रोका नहीं जा सका और बार-बार ईंधन भरकर गति बढ़ाने और सुधारने का प्रयास जारी रहा.

32 सेकंड में दुर्घटना
रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया का विमान केवल 32 सेकंड तक हवा में रहा और दुर्घटना से पहले केवल 0.9 समुद्री मील (लगभग 1.6 किलोमीटर) ही तय कर सका. दोपहर 1:39 बजे विमान हवाई अड्डे के पास स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुर्घटना के बाद, थ्रस्ट लीवर (जो इंजन की शक्ति को नियंत्रित करते हैं) निष्क्रिय स्थिति के पास पाए गए, लेकिन ब्लैक बॉक्स डेटा से पता चला कि टक्कर के समय ये लीवर आगे की स्थिति में थे. उस समय दोनों ईंधन नियंत्रण स्विच भी रन मोड में थे.

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