Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के एक सुदूर गांव को आज़ादी के 77 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची. यह गांव वर्षों से वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से पीड़ित था. अधिकारियों ने रविवार (23 मार्च) को बताया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती गांव तिमनार में स्थानीय लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना अंधेरे में रह रहे हैं.(Electricity reached this part of India 77 years after independence news in hindi)
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “उनकी सरकार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के हर गांव (गांव) में बिजली पहुंचाने और विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।” जहां कभी माओवादी आतंक का साया था, वहां विकास की किरणें चमक रही हैं। यह परिवर्तन एक सच्ची जीत है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “तिमनार का विद्युतीकरण बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में शासन और विकास के एक नए युग की शुरुआत है. यह क्षेत्र अब नक्सली हिंसा के भय से मुक्त होकर समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है।” एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री मंजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत भैरमगढ़ विकासखंड के बीचापाल ग्राम पंचायत के सभी 53 घरों में आजादी के 77 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची है.
सरकार ने कहा है कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि नक्सली आतंकवाद के अंत तथा क्षेत्र में विकास, शांति और समृद्धि की शुरुआत का प्रतीक है. इसके साथ ही तिमनार निवासी मश्राम, पंडरू कुंजाम, मंगली और प्रमिला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे बिजली की चमक देखेंगे, लेकिन निराशा की जगह आशा ने ले ली है.
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