जालंधर : देविंदर सिंह वो नाम है जिसने वर्ल्ड जैवलिन थ्रो में क्वालीफाई करके अपने छोटे से गांव के साथ ही देश का नाम रोशन किया है। आज उसकी उपलब्धि पर पंजाब के साथ ही देश को गर्व हो रहा है। जालंधर के रहने वाले देविंदर ने मेहनत, लगन और कुछ बेहतर करने के सपने को लेकर भोगपुर इलाके के चकसकुर से एक सफर की शुरूआत की। आज वो विश्व जैवलीन थ्रो में क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया है। देविंदर का यह स्वर्णिम सफर बचपन से ही शुरू हो गया था। उसके पिता मेजर सिंह ने बताय कि देविंदर को बचपन से ही जैवलिन थ्रो का शौक था और जब भी वक्त मिलता था वो प्रैक्टिस में जुट जाता था।
बारहवीं पास करने के बाद उसने फौज के 13 सिख बटालियन में नौकरी शुरू की। इसके बाद भी उसने प्रैक्टिस जारी रखी। फौज में रहते हुए भी उसने प्रैक्टिस जारी रखी और आज उसकी सफलता उसके मेहनत की कहानी कह रही है। गांव के सरपंच भी बताते हैं कि देविंदर शुरू से ही जैवलिन थ्रो में रूचि रखता था। और रोजाना टाइम निकालकर प्रैक्टिस के लिए पहुंच जाता था। आज उसकी मेहनत का नतीजा है कि वो पूरे इलाके के युवाओं के लिए रोल मॉडल बन गया है। जिस जज्बे के साथ देविंदर सिंह ने इस मुकाम को हासिल किया है निश्चित तौर पर वो आज युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

