ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:– रविवार को महिला दिवस के अवसर पर प्रधान मंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने वाली दूसरी महिला मालविका अय्यर थीं, जो 13 साल की उम्र में भीषण बम विस्फोट में जख्मी हुयी थी। मालविका की कहानी धैर्य और दृढ़ संकल्प से जुड़ी है। एक विस्फोट में अपने हाथों को खोने और अपने पैरों को नुकसान होने के बाद भी, अय्यर ने पीएचडी की डिग्री हासिल की।
प्रधान मंत्री के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से, मालविका ने युवाओं को विकलांगों और विकलांगों के प्रति अपनी मानसिकता बदलने के लिए कहा है। मालविका का कहना है कि, पीएम के सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके पोस्ट को पढ़ने के बजाय, हमें विकलांग लोगों को कमजोर और आश्रित दिखाने के बजाय एक रोल मॉडल के रूप में दिखाना होगा।
Attitude is half the battle in destigmatizing disability. The fact that the honourable PM has chosen to broadcast my views on Women's Day makes me believe that India is on the right path in dismantling age old superstitions regarding disability. – @MalvikaIyer #SheInspiresUs
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
मालविका ने पीएम मोदी के टविटर हैंडल से पढा “मैं 13 साल की उम्र में एक भीषण बम विस्फोट में बच गयी, जिसमे मेरे हाथों, पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। फिर भी, मैंने काम किया और अपनी पीएचडी हासिल की। देना कभी नहीं एक विकल्प है। अपनी सीमाओं को भूल जाइए और विश्व को विश्वास और आशा के साथ ले जाइए।
मालविका अय्यर ने प्रधानमंत्री के टवीटर हैंडल से ट्वीट किया “विकलांगता को नष्ट करने में आका सकरात्मक रवैया आधी लड़ाई है। इस तथ्य को कि माननीय पीएम ने महिला दिवस पर मेरे विचारों को प्रसारित करने के लिए चुना है, मुझे विश्वास है कि, विकलांगता के संबंध में भारत पुराने अंधविश्वासों को खत्म करने के लिए सही रास्ते पर है।
Acceptance is the greatest reward we can give to ourselves. We can’t control our lives but we surely can control our attitude towards life. At the end of the day, it is how we survive our challenges that matters most.
Know more about me and my work- @MalvikaIyer #SheInspiresUs pic.twitter.com/T3RrBea7T9
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
इससे पहले दिन में, चेन्नई की स्नेहा मोहनदास प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से अपनी कहानी साझा करने वाली पहली महिला प्राप्तकर्ता बनीं।मोहनदास फूडबैंक-इंडिया की संस्थापक हैं, जो भूख से लड़ने की पहल है।
Thank you.
I’m using the PM’s handle to spread awareness on the need to remove hunger.
Will you and others help me?
It’s simple. Feed the needy, ensure no food goes waste. – @snehamohandoss #SheInspiresUs https://t.co/bp70g7OJEw
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
मोहनदास ने पीएम के खाते से ट्वीट किया “जब मुझे लगता है कि मैं जो कर रही हूं, मैं उसके प्रति सशक्त महसूस करती हूं! मैं अपने साथी नागरिकों, खासकर महिलाओं को आगे आने और मेरे साथ हाथ मिलाने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि, कम से कम एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और भूख से मुक्त ग्रह में योगदान दें।
इससे पहले दिन में, प्रधान मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने अभिवादन को पोस्ट किया और कहा कि, वह दिन के लिए हस्ताक्षर कर रहे हैं ताकि सात महिलाएं ये टवीटर हैंडल को प्राप्त करने वाली अपने सोशल मीडिया खातों के माध्यम से अपनी जीवन यात्रा सांझा कर सकें।

