ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: एक तरफ योग को लेकर भारत सरकार विश्वपटल पर देश का नाम रोशन करने का दावा कर रही हैं। तो वहीं हरियाणा सरकार की लापरवाही ने इस दावे की कलई खोलकर रख दी हैं। आलम यह हैं कि करोड़ो रुपयों की लागत से बनाई गई योगशालाएं खंडहर बनती जा रही हैं। योग प्रशिक्षक वेतन नहीं मिलने से एक साल पहले ही योगशालाओं से किनारा कर चुके हैं।
जब लिविंग इंडिया की टीम ने जब इन व्यामशालाओं का रियलिटी चेक किया, तो हकीकत के आईने में सरकारी दावों और सिस्टम को मुँह चिढ़ाते हुए नज़र आए। वहीं अब शिक्षामंत्री ने बहुत जल्द इस समस्या का कारण तलाश कर सभी योगशालाओं को पुनः सुचारू ढंग से चलाने का आश्वासन दिया हैं। कुछ समय पहले करोड़ों रुपए की लागत से हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश भर में इस तरह की व्यममशालाएं बनाई गई थी। एक व्यामशाला की लागत 30 से 40 लाख तक बताई जा रही हैं। स्वभाविक हैं कि प्रदेशभर में इस प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए होंगे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है की इन व्यायामशालाओं को बनाकर यूं ही छोड़ दिया गया।
