नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर निशाना, धान घोटाले की सीबीआई जांच की मांग

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: एक बार फिर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर प्रेस वार्ता करते हुए जमकर…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: एक बार फिर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर प्रेस वार्ता करते हुए जमकर निशाना साधा है, नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने गठबंधन सरकार को फेल करार देते हुए कहा कि, सरकार ने 100 दिन में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया, हुड्डा ने सरकार पर माइनिंग घोटाले की जांच नहीं करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि, वो और पूरा प्रदेश कबसे सरकार से धान घोटाले की सीबीआई जांच करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश बेरोजगार में नंबर 1 पर पहुंच चुका है। वहीं एसवाईएल के मुद्दे पर भी उन्होंने गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया है।

बलराज कुंडू ने घोटाले को लेकर मोर्चा खोला

महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने जो प्रदेश की शूगर मिलों में हुए घोटाले को लेकर मोर्चा खोला हुआ है उसे उन्होंने और तेज कर दिया है। कुंडू ने आरोप लगाया है कि पिछले 4 सालों में प्रदेश की मिलों में 3300 करोड़ रुपए घाटा दिखाकर घोटाला किया गया है, उनका आरोप है कि बीजेपी सरकार में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया। कुंडू का कहना है कि शीरे के जरिये मिलों में 500 करोड़ से भी ज्यादा का घोटाला हुआ है। पानीपत शूगर मिल में शीरे के जरिये 2 नंबर में शराब तक बेची गई है।

असीम गोयल ने पलटवार किया

तो वहीं नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के धान घोटाले के आरोपों पर विधायक असीम गोयल ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि, हुड्डा फ्लैश बैक में जी रहे हैं, हुड्डा अपने 10 साल के कार्यकाल की खुमारी में जी रहे हैं।

90 करोड़ का हुआ घोटाना?

90 करोड़ रुपए के कथित धान घोटाले के उजागर होने के बाद अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है, विपक्ष लगातार इस धान घोटाले की सीबीआई जांच करवाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि, ये किसी भी तरह का कोई घोटाला नहीं है, बल्कि उनकी जांच में स्टॉक की कुछ कमी पाई गई है, जिसे लेकर वो कार्रवाई जरुर कर रहे हैं। इन सबसे बीच अब भारतीय किसान यूनियन ने सीएम मनोहर लाल को एक पत्र लिखा है, जिसमें धान घोटाले की सीबीआई से या फिर उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि इस धान घोटाले के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

 

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