ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरना-प्रदर्शन और सियासी घमासान के बीच इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल यानी सोमवार को सुनवाई करेगा। इससे पहले 7 फरवरी को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सुनवाई टाल दी थी।
10 फरवरी को शाहीन बाग पर सुनवाई
सुनवाई को 10 फरवरी तक टालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि, हम समझते हैं कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हम सोमवार को विस्तृत सुनवाई करेंगे। और हम मामले की सुनवाई करके दिल्ली विधानसभा चुनावों को “प्रभावित” नहीं करना चाहते हैं। बतादें कि, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली सड़क से होने वाली दिक्कत को लेकर और रास्ते को खोले जाने की अपील को लेकर ये याचिका दायर की गई है।
58 दिनों से धरने पर बैठे लोग
दरअसल दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी NRC के खिलाफ पिछले 58 दिनों से लोग धरने पर बैठ कर प्रदर्शन कर रहे है। और जिसके कारण कालिंदी कुंज-शाहिन बाग का रास्ता बंद है, इस कारण यहां के स्थानीय नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट बंद पड़े रास्ते को खुलवाए
वहीं वकील अमित साहनी के अलावा बीजेपी नेता नंद किशोर गर्ग की तरफ से भी दायर याचिका में कहा गय़ा कि शाहीन बाग के बंद पड़े रास्ते को खुलवाया जाए, और याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मसले में हिंसा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज या हाईकोर्ट के किसी मौजूदा जज द्वारा निगरानी की जाए



