दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: वोटिंग के बीच केजरीवाल का बीजेपी पर हमला

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: आज 8 फरवरी है और दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: आज 8 फरवरी है और दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारे देखने को मिल रही है,चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे, अभीतक दिल्ली में सुबह 11.30 बजे तक 11.18  फीसदी वोटिंग हुई हैं।

अलका लांबा ने थप्पड़ मारा

दिल्ली के चांदनी विधानसभा चौक से कांग्रेस कैंडिडेट अलका लांबा ने एक AAP कार्यकर्ता को थप्पड़ मार है, अलका लांबा ने आप कार्यकर्ता आरोप लगाया है कि, कि उस शख्स ने उनके बेटे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

मतदान के बीच सियासत

मतदान के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि,”जब से मैंने एक TV चैनल पे हनुमान चालीसा पढ़ा है, बीजेपी वाले लगातार मेरा मजाक उड़ा रहे हैं, मेरे हनुमान मंदिर जाने पर बीजेपी नेता बोल रहे हैं कि, मंदिर अशुद्ध हो गया, ये कैसी राजनीति है? भगवान तो सभी के हैं।

जानिए किस-किस ने वोट डाला

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वोट डाला, दक्षिणी दिल्ली के चितरंजन पार्क में 110 साल की एक महिला ने वोट डाला है, महिला का नाम कालीतारा मंडल है, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी ने निर्माण भवन में वोट डाला, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ राष्ट्रपति भवन में मौजूद राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में वोट डाला, चांदनी चौक से कांग्रेस उम्मीदवार अल्का लांबा ने वोट डाल दिया है और अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद ने भी अपनी मां का आशीर्वाद लेकर वोट डाल दिया है। साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर और बीजेपी नेता राम माधव ने वोट डाला।

एक चुनाव अधिकारी की मौत

उत्तर पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर में ड्यूटी के दौरान एक चुनाव अधिकारी की मौत हो गई है, जिसके बाद  पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग अस्पताल भेज दिया है। अधिकारी की मौत पोलिंग बूथ के अंदर  प्राइमरी स्कूल में हुई है।

672 उम्मीदवार मैदान में

राष्ट्रीय राजधानी के लिए उत्सुकता से लड़ी गई इस लड़ाई में 672 उम्मीदवारों के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव में 14.7 मिलियन से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं। 2015 में पिछले विधानसभा चुनावों में, अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने 70 में से 67 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को तीन सीटें मिली थीं और कांग्रेस को शून्य।

बीजेपी,आप,और कांग्रेस का इतिहास

इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अब तक खासी तीखी बयानबाजी देखने को मिली। साथ ही दिल्ली चुनाव इस बार नेताओं के विवादास्पद बयानों के लिए भी जाना जाएगा।बीजेपी के लिए दिल्ली का चुनाव बेहद अहम है क्योंकि सन 1998 के बाद बीजेपी पार्टी फिर कभी दिल्ली में सरकार नहीं बना पाई है। तो कांग्रेस इस बार चुनाव जीत कर दिल्ली में अपना राजनीतिक वनवास को खत्म करना चाहेगी, जबकि आम आदमी पार्टी एक बार फिर अपने आप को साबित करना चाहेगी।

सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद

केजरीवाल की AAP लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है और भाजपा प्रधानमंत्री मोदी की अपील को भुलाकर जीत हासिल करना चाहती है। 2015 के चुनावों में AAP के हाथों पार्टी हारने तक पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली में 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस पुनरूद्धार की उम्मीद कर रही है।

 

 

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