रणजीत सिंह ने खुला दरबार लगाकर सुनी लोगों की शिकायतें, दिए समाधान के निर्देश

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा के ऊर्जा एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में खुला दरबार लगाकर जनता की शिकायतें सुनीं।…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा के ऊर्जा एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में खुला दरबार लगाकर जनता की शिकायतें सुनीं। खुले दरबार में लगभग 400 शिकायतें रखी गई, जिनके समाधान के संबंध में ऊर्जा मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एकाध शिकायतों को छोडक़र सभी शिकायतें बिजली निगम से संबंधित रखी गईं। खुले दरबार में शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ पिछली बार उठाई गई समस्याओं का समाधान होने पर ऊर्जामंत्री का आभार व्यक्त करने वाले ग्रामीण भी पहुंचे।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, बिजली के क्षेत्र में सुधार की दिशा में नए कदम उठाए जा रहे हैं और प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर गांव व घर तक 24 घंटे बिजली पहुंचाई जाए। सरकार के प्रयासों से बिजली चोरी व लाइन लोस में कमी आई है तथा बिजली बिल की अदायगी भी लगातार बढ़ती जा रही है। बिजली के उपयोग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लाइन लोस कम होने व बिलों की अदायगी बढऩे पर प्रदेश सरकार बिजली की दरों में कमी भी कर सकती है ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।

खुले दरबार में गांव कालीरावण, कालुवास, जेवरा व ढाणी कुतुबपुर के खेतों में बनी ढाणियों के निवासियों ने बिजली आपूर्ति में और अधिक सुधार किए जाने संबंधी अपनी मांगें रखीं। जिस पर ऊर्जा मंत्री ने संबंधित क्षेत्र के बिजली अधिकारियों को इन समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। खुले दरबार में पहुंचे कई गांवों के लोगों ने ऊर्जामंत्री का यह कहकर आभार जताया कि उन्होंने पिछले खुले दरबारों में बिजली संबंधी जो शिकायतें रखी थीं उनका समाधान हो गया है और वे बिजली निगम के अधिकारियों की कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्टï हैं।

इसके अलावा ट्रांसफार्मर बदलवाने, मकानों के ऊपर से गुजरते तारों को हटवाने जैसी बिजली से जुड़ी समस्याएं व मांगें रखी गई। इन पर सुनवाई करते हुए ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह ने सभी समस्याओं को जल्द हल करवाने व बिजली व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश बिजली अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाया जाए।

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