ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी NPR की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने NPR की प्रक्रिया पर सुनवाई करने की याचिका पर साफ इंकार कर दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
क्या कहा था याचिका में ?
बतादें कि, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि, आधार कार्ड में डेटा की सिक्योरिटी की गारंटी है, लेकिन नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना, नियमावली,2003 के तहत इकट्ठा की जा रही जानकारी के दुरुपयोग से किसी भी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है।
देश में मचा CAA पर घमासान
मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन एक्ट यानी CAA पर लगातार देश में घमासान मचा हुआ है। तो दूसरी तरफ दुनिया के मानस पटल पर भी इस कानून का पुरजोर विरोध हो रहा है,
भारत के लिए ये अच्छी खबर
इस बीच भारत के लिए परेशानी की बात ये कि अब यूरोपियन यूनियन यानी EU ने इस कानून पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाया गया है। जिसको लेकर भारत ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। सिर्फ यही नहीं तुर्की मलेशिया सहित कई ऐसे देश हैं जिन्होंने CAA का विरोध किया है। लेकिन भारत के लिए ये अच्छी खबर है कि, अमेरिका फ्रास जैसे बडे़ देशों ने CAA को भारत का आंतरिक मामला करार दिया है। वहीं अब आपको ये बताते हैं कि, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और नागरिकता संशोधन एक्ट लागू करने के बाद दुनियाभर के देशों ने इस पर क्या रुख अख्तियार किया है।



