‘गौ सेवा गौ रक्षा’ के दावे हुए फेल, यहां गायों की दुर्दशा जान कलेजा पसीज जाएगा

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: गौ सेवा गौ रक्षा का दावा करने वाली भाजपा सरकार के राज में एक के बाद एक गाय तड़प कर मरती जा…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: गौ सेवा गौ रक्षा का दावा करने वाली भाजपा सरकार के राज में एक के बाद एक गाय तड़प कर मरती जा रही है। हमीदा हैड के पास(तालाब) जोहड़ के दल दल में आएदिन गोवंश फंस कर दम तोड़ रहे है।दो गायों यहाँ फिर दलदल में फंस कर तड़प तड़प कर मर गयी और कुतो ने उन्हें नोंच डाला।जिसके बाद हिन्दू संगठनों और स्थानीय लोगो ने रोष जताते हुए हंगामा किया। यहाँ पार्षद निर्मल चौहान भी पहुंची और प्रशासन से यहाँ की व्यवस्था सुधारने की मांग की।लोगो के गुस्से को देख जेसीबी की मदद से दलदल मे फँसी गायों को निकाला गया।हंगामें के बाद पहुंचे मेयर ने इस जगह पर मिट्टी डलवा कर इसे बंद करने का आश्वासन दिया।
लोगों ने लगाया ये आरोप 
मामला हमीदा एरिया का है। दरअसल हमीदा हैड के पास चार एकड़ तालाब के दलदल में गोवंश फंस रहे हैं। रात को भी दो गाय यहां फंसने से दम तोड़ गई। उनको कुत्तों ने नोंच डाला। इसका पता हिंदू संगठनों के लोगों को लगा, तो वह मौके पर पहुंचे। दोनों गायों के शवों को दफनाया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। लोगों का आरोप है कि निगम को इस संबंध में कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिस वजह से यहां पर गोवंश दम तोड़ रहे हैं। इस तालाब की तारबंदी होनी चाहिए।
छह दिसंबर 2019 को हिंदू संगठनों ने नगर निगम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था और एक मृत गाय की शव यात्रा भी निकाली थी।जिसमें तालाब की तारबंदी कराए जाने की मांग उठाई गई थी। काफी हंगामे के बाद निगम अधिकारियों ने तारबंदी कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। लगातार यहां पर कोई न कोई गोवंश फंस रहा है। करीब चार एकड़ के इस तालाब में दलदल हो गया है। अक्सर गौवंश घूमते हुए यहां जाकर फंस जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
‘गौवंशों की हो रही दुर्गति’
हिंदू संगठन से जुड़े और समाजसेवी संजय मित्तल ने बताया कि, यह घोर लापरवाही है। रात को भी यहां पर दो गाय फंस गई। एक की मौत हो गई। दूसरी किसी तरह से बाहर निकली, तो उसे कुत्तों ने नोंच दिया। गोवंशों की दुर्गति हो रही है। निगम अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। हिंदू संगठनों के लोगों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।लोगो का कहना था कि निगम ने एक लाख नौ हजार रुपये का टेंडर जारी किया। चार एकड़ के इस तालाब में इतने पैसे में तारबंदी नहीं हो सकती। इसलिए ही किसी ठेकेदार ने यह टेंडर नहीं लिया।

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