चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिवसीय हरियाणा दौरे पर बुधवार को रोहतक पहुंचे। इस दौरान शाह ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और भाषण भी दिया। शाह का ये दौरा इसलिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है कि इसके माध्यम से भाजपा ने आगामी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में जहां हरियाणा सरकार तीन साल पूरे करेगी, वहीं केंद्र की भाजपा सरकार भी 2019 की तैयारियों में जुट गई है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हरियाणा दौरे का इनसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने विरोध किया है। दिग्विजय ने शाह का दौरा सरकारी अमले और पैसे के दुरूपयोग पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार पार्टी के कार्यक्रमों पर जनता का पैसा खर्च कर रही है जो सरासर गलत है। इन पैसों से जनता के कल्याणकारी योजनाओं को मूर्त्त रूप दिया जा सकता था, लेकिन सरकार को इससे परहेज है। जनता ने खट्टर सरकार के जनविरोधी मकसद को समझ लिया है।
दिग्विजय ने कहा कि सरकार ने अमित शाह के कार्यक्रम का आयोजन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में किया है। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों का उपयोग सरकार किस हक से कर रही है, इसका जबाव सरकार को देना होगा। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इनसो ने कभी भी छात्रों के कार्यक्रम के लिए विवि परिसर में अनुमति चाही तो प्रशासन ने नहीं दी। शिक्षण संस्थानों पर राजनीतिक दलों से अधिक छात्रों का हक है फिर भी उन्हें अपनी बात कहने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मंच नहीं दिया जाता।
इनसो नेता दिग्विजय ने यह भी कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री वीआईपी कल्चर को छोडऩे की बात कहते हैं वहीं उन्हीं की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सरकार को शाह के दौरे पर आए खर्च का ब्यौरा जनता के बीच सार्वजनिक करना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि सरकार और विश्वविद्यालय के किस विभाग के तहत खर्चे की व्यवस्था की गई है। सरकार को इसका जबाव जल्द से जल्द देना होगा, नहीं तो आने वाले दिनों में जनता के तीखे विरोध का सामना करना होगा।
जाहिर है इनसो नेता दिग्विजय चौटाला भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे पर किसी भी सूरत में भाजपा को घेरने का मौका नहीं छोड़ना चाहते। हालांकि दिग्विजय ने शाह के दौरे पर होने वाले खर्च को लेकर वाजिब सवाल भी उठाए हैं। किसी शिक्षण संस्थान में राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो या शाह को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का मामला, दिग्विजय ने खट्टर के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं दूसरे दल भी इनसो के सुर में सुर मिला रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी पता चल गया है कि इनसो ने जनता से जुड़े मुद्दे को उठाया है।


