फरीदाबाद : भाई-बहन के अटूट प्रेम के त्योहार रक्षा बंधन को लेकर बाजारों में अलग-अलग राखियों से दुकानें सज गई है। फरीदाबाद के ओल्ड बाजार में भाई के लिये ही नहीं भाभियों के लिये भी कंगन वाली राखियां लोगों को खूब भा रही हैं, तो वहीं बच्चों के लिये छोटा भीम और मोटू-पतलू वाली राखियों ने खरीदारों का मन जीत लिया है। इस बार बाजारों में व्हाट्सप और फेसबुक के क्रेज को देखते हुए व्हाट्सप और फेसबुक की शक्ल वाली राखियों को लेने के लिये बहनों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। सबसे अहम बात तो इस त्योहार पर ये देखी जा रही है कि कोई भी व्यक्ति चाईनीज राखी नहीं खरीद रहा है। लोगों ने चीन के सामानों का बहिष्कार कर दिया है। कच्चे दागे से जिंदगी भर रक्षा करने का वायदा करने वाले भाई और बहन के इस प्यार के बंधन को रक्षा बंधन का नाम दिया गया है। सावन के मौसम में आने वाले इस पर्व को लेकर खासकर बहनें बडी उत्साहित होती हैं और अपने-अपने भाईयों के लिये अच्छी से अच्छी राखियां पेश कर उन्हें खुश करती है।
इस बार सात अगस्त को रक्षा बंधन पर्व है और इसको लेकर दर्जनों दुकानें सजी हुई हैं। इस बार भाईयों के लिये ही नहीं भाभियों के लिये भी बहनों को कंगन वाली राखियां खूब पसंद आ रही हैं। तो वहीं बच्चों को आकर्षित करने वाली छोटा भीम और मोटू-पतलू वाली राखियां भी लोगों को खूब भा रही हैं। खरीदारों की मानें तो पहले राखियां घर में बनाई जाती थी, धागे और किरण वाली राखियों की धूम हुआ करती थी। राखियों की कीमत 30 रूपये से शुरू होकर हजारों रूपये तक है। राखी दुकानदार गोविन्द की मानें तो इस बार कई प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं। बदलते समय के अनुसार विभिन्न प्रकार की राखियां बाजारों में आ गई हैं। पिछले साल की अपेक्षा नई राखियां बाजार में आ चुकी हैं। विशेष बात तो ये हैं कि इस बार ग्राहक इतना जागरूक है कि दुकान पर आने के बाद पहले पूछ रहा है कि कहीं चाईनीज राखी तो नहीं है। विशेष प्रकार की पैकिंग और मन लुभाने वाली आधुनिक युग के आनुसार बनाई गई राखियों का क्रेज भी बहनों में देखा जा रहा है।


