EXCLUSIVE : आतंकी के जनाजे में हिजबुल कमांडर रियाज शामिल

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : भारतीय सुरक्षाबलों बलों ने रविवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ में आतंकवादी शारिक अहमद को मार गिराया था।…

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : भारतीय सुरक्षाबलों बलों ने रविवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ में आतंकवादी शारिक अहमद को मार गिराया था। वहीं शारिक के जनाजे में हिजबुल मुजाहिदीन के डिवीजनल कमांडर रियाज नाइको भी शामिल हुआ। इतना ही नहीं हाथों में AK-47 लिए रियाज ने लोगों को संबोधित किया। इसका वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। रियाज ने करीब 20 मिनट तक भाषण दिया, इस दौरान उसने अपने भाषण में स्वतंत्रता और पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए। उसने कहा कि कश्मीर में अल कायदा की इकाई गठित करने से जुड़ा जो हालिया बयान आया था वो कश्मीर की लड़ाई को बदनाम करने के उद्देश्य से दिया गया है। हिजबुल सिर्फ घाटी के आजादी की लड़ाई लड़ रही है। जिस तरह से रियाज खुलेआम शारिक के जनाजे में शामिल हुआ, वो कहीं ना कहीं आतंकवादियों की सेना पर प्रेशर बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि हिजबुल के टॉप कमांडर बुरहान बानी की मौत के बाद सेना लगातार ऑपरेशन करके आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुंचा रही है। जिसके बाद आए दिन किसी ना किसी बहाने आतंकवादी अपना वीडियो जारी कर रहे हैं ताकि सेना पर प्रेशर बनाया जा सके।

आपको बता दें कि हिजबुल कमांडर सबजार बट की मौत के बाद रियाज नाइको को नया कमांडर नियुक्त किया गया था। हिजबुल के कट्टर आतंकियों के बीच रियाज की पहचान उदार विचार के समर्थक के रूप में होती है। रियाज को टेक-सैवी भी बताया जाता है। इसके साथ ही वो घाटी में सभी धर्म की संस्कृति को बढ़ावा देने का हिमायती है। दरअसल कुछ महीने पहले रियाज को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने कश्मीरी पंडितों से घाटी में लौटने की अपील की थी। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो हिजबुल के कमांडर जाकिर मूसा को कट्टर विचारधारा के कारण घाटी के हार्डलाइनर्स काफी पसंद करते थे। इसी कारण से मूसा के प्रभाव को कम करने के लिए उदारवादी विचारधारा के रियाज को कमांडर बना दिया गया। हिजबुल के आकाओं ने इस फैसले से यह संदेश भी देने की कोशिश किया कि वो सिर्फ घाटी की आजादी चाहते हैं। उनका इरादा घाटी में इस्लामिक शासन की स्थापना नहीं है। वहीं एक दिन पहले रियाज ने अल कायदा से जुड़े अपने बयान से हिजबुल की स्ट्रैटजी पर मुहर भी लगा दी है।

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