चंडीगढ़/दिल्ली: राष्ट्रपति उम्मीदवारी को लेकर दो बड़े नामों में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। विपक्षी दलों ने भी पार्टी स्तर पर एकतरफा वोट का फैसला किया है, लेकिन आम आदमी पार्टी इस फैसले में एकमत नजर नहीं आती। पूर्व नेता विपक्ष एच. एस. फूल्का मीरा कुमार को समर्थन देने पर इंकार कर चुके हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी ने उनके बयान से किनारा करते हुए मीरा कुमार को ही समर्थन देने का एलान किया है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविंद को आगे किया है तो दूसरी तरफ मुख्य बड़े चेहरे के रूप में कांग्रेस ने पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के नाम का एलान किया है। कांग्रेस समर्थक पार्टियों ने मीरा कुमार को समर्थन दिया है वहीं आम आदमी पार्टी ने भी पार्टी स्तर पर फैसला करते हुए मीरा कुमार के नाम पर मुहर लगाने का फैसला किया है, लेकिन इस फैसले पर पार्टी में एक राय नहीं बन पा रही है। राष्ट्रपति चुनाव के मसले पर अलग-अलग गुटों में बंटती दिखाई दे रही है। पार्टी के बड़े चेहरे नेता विपक्ष रहे एच.एस. फूल्का ने कांग्रेस पर 1984 दंगा मामलों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट नहीं करने का एलान किया है. हालांकि आप पार्टी फूल्का के फैसले को दरकिनार करते हुए मीरा कुमार को ही वोट करने पर एलान कर चुकी है. आप नेता सुखपाल खैहरा ने कहा कि पार्टी फैसले के साथ सभी विधायक मीरा कुमार के पक्ष में ही वोट देंगे, हालांकि खैहरा ने ना तो फूल्का के बयान का विरोध ही किया और ना ही कोई टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इसके बारे में फूल्का ही बता सकते हैं।
दंगों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए वकालत और नेता विपक्ष का पद, जब बात दो में से एक की आई थी, तब एच.एस. फूल्का ने नेता विपक्ष का पद छोड़ दिया था। और दंगा पीड़ितों की सुनवाई को प्राथमिकता दी थी। ऐसे में जिस कांग्रेस पार्टी पर दंगों का आरोप है, उसकी उम्मीदवार को वोट देने से भी उन्हें गुरेज है, भले ही उनकी पार्टी ने कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया हो। अब फूल्का के इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी व्यक्तिगत फैसला बताते हुए जवाब देने से ही पीछे हट रही है।
दिल्ली के तिलक नगर से आप विधायक जरनैल सिंह ने भी मामले को उनका व्यक्तिगत फैसला बताया है। लिविंग इंडिया न्यूज संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि मीरा कुमार को वोट देना या नहीं देना फूल्का का निजी फैसला है. पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मीरा कुमार को ही वोट डालेगी।
बताते चलें कि मीरा कुमार को आम आदमी पार्टी के समर्थन के बाद शिरोमणि अकाली दल ने फूल्का से सीधा सवाल पूछा था कि वे साफ करें कि राष्ट्रपति चुनाव में वे किसके साथ हैं-दंगों का आरोप झेलने वाली कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार मीरा कुमार के साथ या दंगा पीड़ितों के साथ?

