अमृतसर : धार्मिक स्थलों को जीएसटी में शामिल करने को लेकर स्थिति अभी तक साफ नहीं हुई है। इसी बीच एसजीपीसी ने कहा है कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में मिलने वाले कड़ाह प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं को जीएसटी देना होगा। एसजीपीसी के सचिव हरचरण सिंह ने बताया कि अब कड़ाह प्रसाद को बनाने और बांटने में होने वाले खर्च का हिसाब देना होगा, जिसके बाद टैक्स में छूट मिलेगी। एसजीपीसी सचिव ने बताया कि प्रसाद से प्राप्त रूपये का इस्तेमाल व्यापारिक काम के लिए नहीं बल्कि लोक भलाई और गुरूद्वारे के प्रबंधन में होता है। हालांकि सरकार के प्रेस नोट से साफ है कि लंगर पर भी किसी तरह की छूट नहीं है। उधर हरमंदिर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं में सरकार के आदेश से नाराजगी है। जबकि पुरातन दर्गियाना कमेटी ने केंद्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर टैक्स पर फिर से विचार करने की मांग की है।
