पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 19 लाख अनुसूचित जाति के बच्चों का भविष्य इस बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से अधर में जाता नजर आ रहा है , कारण यह है कि अब तक इन बच्चों को सरकार की तरफ से जो मुफ्त किताबें उपलब्ध करवाई जाती थी वह किताबें उपलब्ध नहीं करवाई गई है |
इसी को लेकर पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा गया था ! इसी जवाब में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके द्वारा किताबों की छपाई का काम पूरा कर लिया गया है और जल्द ही किताबें बच्चों में वितरित भी कर दी जाएगी जिसपर आयोग ने शिक्षा विभाग को 20 जुलाई तक का वक्त दिया है !

