Amritsar: आज Shri Akal Takht Sahib का स्थापना दिवस है। श्री हरिमंदिर साहिब में अखंड पाठ के भोग डाले गए। रागियों ने साध-संगत को गुरुबाणी के कीर्तन से निहाल किया। सुबह से लेकर शाम तक ढाडी दरबार सजे रहेंगे।

इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पूरी सिख कौम को स्थापना दिवस की बधाई दी और इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी। जत्थेदार ने सिख कौम को हमेशा एकजुट रहने की अपील की।

बता दें मीरी-पीरी के मालिक छठे गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने 15 जून 1606 को श्री हरमंदिर साहिब के बिल्कुल सामने श्री अकाल तख्त साहिब का नींव पत्थर रखा था । उन्होंने मीरी-पीर दो तलवारें धारण करके भक्ति और शक्ति के सिद्धांत को पक्का किया था।

गुरु जी ने जुल्म का डट कर मुकाबला करने की प्रेरणा दी थी और आज भी सिख कौम गुरु साहिब के दर्शाए सिद्धांत पर चलते हुए श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानती है।
Foundation Day of Akal Takht, temporal seat of Sikhism, being celebrated
Amritsar: आज Shri Akal Takht Sahib का स्थापना दिवस है। श्री हरिमंदिर साहिब में अखंड पाठ के भोग डाले गए। रागियों ने साध-संगत को गुरुबाणी…
