परिवार पहचान पत्र को कानूनी वैधता देने के लिए सीएम सदन में पेश किया गया बिल, विपक्ष ने जताया विरोध

चंडीगढ़, 24 अगस्त । हरियाणा विधानसभा (Haryana Legislative Assembly) के मानसून सत्र (monsoon session) के आखिरी दिन सरकार की ओर से कई विधेयक पास गए।…

चंडीगढ़, 24 अगस्त । हरियाणा विधानसभा (Haryana Legislative Assembly) के मानसून सत्र (monsoon session) के आखिरी दिन सरकार की ओर से कई विधेयक पास गए। इसके अलावा कईं बिल भी सदन में रखे गए। इनमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल (CM Manohar Lal) की ओर से जब परिवार पहचान पत्र (family identity card) को कानूनी वैधता (legal validity) देने के लिए सदन में बिल पेश किया गया तो विपक्ष की ओर से इसका जबरदस्त विरोध किया गया।

कांग्रेस विधायक किरण चौधरी (Congress MLA Kiran Choudhary) ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि इस बिल के लागू होने के बाद राजनीतिक दल आम आदमी के निजी डाटा का मिसयूज़ करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बिल में कोर्ट का रास्ता भी खत्म कर दिया गया है। जब प्राइवेट हैकर्स (private hackers) ही डाटा का मिसयूज कर लेते है तो सरकार भी अपने हिसाब से इसे इस्तेमाल करेगी। इस बिल के जरिए सरकार लोगो के मौलिक अधिकारों (fundamental rights) पर चोट कर रही है।

पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल (Former Education Minister Geeta Bhukkal) ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि जब हमारे पास आधार कार्ड (Aadhar card) है तो फिर इस परिवार पहचान पत्र की क्या जरूरत है। एक इंसान 10-10 पहचान पत्र लेकर नहीं घूम सकता। भुक्कल ने कहा कि सरकार एक और अथॉरिटी बनाने जा रही है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार को आम आदमी का डाटा क्यों चाहिए। साथ ही उन्होंने पूछा कि ये किस मिनिस्ट्री के अधीन आएगा। उन्होंने सरकार से इस बिल को वापिस लेने की मांग की।

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हर एक इंसान का आधार कार्ड बना हुआ है। समाज में इकाई एक परिवार है। आधार कार्ड एक व्यक्ति का है, जबकि परिवार पहचान पत्र परिवार का है। परिवार की भलाई के लिए अभी तक किसी ने नही सोचा। 70 लाख में से 64 लाख परिवारों ने अपना रजिस्ट्रेशन (registration) करवा लिया है। सीएम ने कहा कि परिवार पहचान पत्र बनवाना जरूरी नहीं है, लेकिन जिन्हें सरकारी योजना का लाभ लेना है, उसे पहचान पत्र बनवाना ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश के नागरिकों को सुविधा देने के लिए सरकार को भी डाटा चाहिए। सरकार को पता होना चाहिए कि कौन गरीब है और कौन अमीर, जिससे सरकार उसी हिसाब से सुविधा दे सके। मुख्यमत्री ने कहा कि जमीन का एक-एक टूकड़ा किसके नाम है, आने वाले समय में इसकी जानकारी भी रेवेयू विभाग (revenue department) के जरिए ली जाएगी।

विपक्ष के विरोध के बावजूद विधानसभा में परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी के गठन का विधेयक पास हो गया। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) संशोधन से जुड़ा विधेयक, नौकरियों की परीक्षा में नकल (jobs exam copy) रोकने वाला विधेयक, हरियाणा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण (Haryana Public Examination Unfair Means Prevention) विधेयक, हरियाणा माल और सेवा (Haryana Goods and Services) पर संशोधन विधेयक 2021, हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधायक 2021, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (Panchkula Metropolitan Development Authority Bill) विधेयक 2021 भी पास किए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *