डेढ़ करोड़ की ठगी में चिटफंड कंपनी का सहायक गिरफ़्तार, एमडी व सीएमडी की तलाश

रेवाड़ी, 21 अगस्त । शहर थाना पुलिस (Thana City Police) ने करीब डेढ़ करोड़ की ठगी (one and a half crore fraud) करने वाली चिटफंड…

रेवाड़ी, 21 अगस्त । शहर थाना पुलिस (Thana City Police) ने करीब डेढ़ करोड़ की ठगी (one and a half crore fraud) करने वाली चिटफंड (chit fund) कंपनी के एक सहायक को गिरफ्तार किया है, जबकि कंपनी के एमडी व सीएमडी अभी भी फरार हैं। सहायक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अब एमडी व सीएमडी तक पहुंचने की उम्मीद बनी है। आरोपी की पहचान सूरजगढ़ (Surajgarh) निवासी मनोज कुमार (Manoj Kumar) के रूप में हुई हैं।

थाना शहर प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि दिल्ली रोड (Delhi Road) स्थित घीसा की ढ़ाणी  (Gheesa Ki Dhani) संदीप धारूहेड़ा (Sandeep Dharuhera) चुंगी पर मोबाइल की दुकान व सैलून चलाता है। 20 सितंबर को दुकान पर उसकी मुलाकात मंगतराम से हुई। मंगतराम ने खुद को सुअर पालन (pig farming) का काम करने वाली श्योरगेन सोल्यूशन कंपनी (SureGen Solution Company) का सीएमडी बताते हुए संदीप को कंपनी में इनवेस्ट करने पर कई प्रकार के लाभ देने की बात कही। आरोपी की महंगी गाड़ी और अधिक पैसा कमाने के लालच में आए संदीप को सहायक मनोज ने कंपनी में इनवेस्ट ( Invest) करने के अलग-अलग प्लान बताए, जिसमें अधिक पूंजी जमा करवाने पर महंगी गाड़ी के साथ हर सप्ताह पांच प्रतिशत ब्याज का वादा किया। दूसरे लोगों को कंपनी से जोड़ने पर अतिरिक्त मुनाफे (extra profits) का लालच दिया।

इसके बाद संदीप डेढ़ करोड़ रुपए के प्लान में फंस गया तथा संदीप को क्रेटा गाड़ी के साथ कई लुभावने ऑफर दिए। पहले संदीप ने कंपनी में खुद 50 लाख रुपए जमा किए। इसके बाद पिता की आईडी से 16 लाख रुपए और जमा कर दिए। इसके बाद अपने दोस्त मनोज के 6 लाख रुपए के अलावा अपनी दुकान पर काम करने वाले नौकरों के नाम से ही कंपनी में पैसे जमा करता चला गया। एक करोड़ 45 लाख की पूंजी में से आधी से ज्यादा रकम उसने ऑनलाइन बैंक (online bank) के जरिए जमा की। शुरूआत में 10 व पांच लाख रुपए लौटाने के बाद कंपनी ने संदीप को कुछ नहीं दिया तथा कुछ दिन से संपर्क होना भी बंद हो गया। आरोप है कि अपनी जमा पूंजी वापस मांगने पर उसे साफ मना कर दिया, जिसके बाद शहर थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई। जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार को सहायक मनोज के रूप में पहली गिरफ्तारी की।

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