Winter health tips: सर्दी के मौसम में जुकाम एक सामान्य समस्या है जो आमतौर पर वायरल संक्रमण के कारण होती है. देश के कई इलाकों में मौसम ठंडा हो गया है और मौसम ने भी करवंट बदलनी शुरू कर दी है. (Winter health tips) ऐसे में बदलते मौसम से इम्यूनिटी कम होगी जुकाम (सर्दी) के मरीज बढ़ जाएंगे. ऐसे में इन छोटी-बड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए घर की ही कुछ चीजें बेहद काम आती हैं.
जिन चीजों का यहां जिक्र किया जा रहा है वे आयुर्वेदिक औषधि (Ayurvedic Medicine) की तरह काम करती हैं और खांसी-जुकाम पर तुरंत असर दिखाती हैं. यहां जानिए सर्दी, खांसी, जुकाम (Cold), बंद गले और गले की खराश में कौनसे आयुर्वेदिक नुस्खे इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
नीम का काढ़ा
नीम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जो जुकाम के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं. 10-15 नीम के पत्तों को 1 कप पानी में उबालें और इसे दिन में दो बार पिएं.
तुलसी और काली मिर्च
तुलसी और काली मिर्च का सेवन जुकाम के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है. 5-6 तुलसी पत्तियां और 1/4 चम्मच काली मिर्च को एक कप गर्म पानी में उबालकर पिएं. यह मिश्रण इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और सर्दी के वायरस से लड़ता है.
अदरक और शहद
अदरक में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सर्दी-जुकाम को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं. 1-2 इंच अदरक को बारीक काटकर, उसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करें. यह मिश्रण गले की सूजन को कम करता है और नाक की बंदी को खोलता है.
सेंधा नमक और गुनगुना पानी
सेंधा नमक और गुनगुने पानी से गार्गल करने से गले की सूजन कम होती है और जुकाम की समस्या में राहत मिलती है. 1/2 चम्मच सेंधा नमक को एक कप गुनगुने पानी में घोलकर दिन में 2-3 बार गरारे करें.
शहद और घी
अगर नाक पूरी तरह से बंद हो गई है तो नासिका में शहद और घी डालने से राहत मिलती है. 2-3 बूंद शुद्ध घी और शहद मिलाकर नाक में डालें, इससे नाक खुलती है और सांस लेना आसान हो जाता है.
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